बांदा। हजरत मिस्कीन शाह वारसी के 98वां सालाना उर्स के दूसरे दिन मंगलवार को गागर जुलूस निकला। ईदगाह चौराहा के पास मद्दू भइया और सगीर हुसैन वारसी के आवास में महफिले समा हुई। कव्वाल शहजादे, वकील साबरी, वकील जहांगीरी (बेलाताल), सईद फरीदी (टीकमगढ़) आदि ने खानकाही कलाम पेश किए। दरगाह मुतवल्ली कसीमुद्दीन वारसी के आवास में देर रात तक कव्वालियां हुईं। कलामों के साथ गागर जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से नरैनी रोड स्थित दरगाह पहुंचा। यहां गागर की रस्म अदा की गई। दरगाह में अकीदतमंदों ने फातेहा व लंगर किया। इस मौके पर सोहराब शाह वारसी (खंडेहा, मऊ), मुन्ने शाह वारसी (लखनऊ), मकसूद शाह वारसी (मिर्जापुर), जलाम शाह वारसी, मुनव्वर शाह, हसीन शाह, अजमल शाह, मलामत शाह, अल्लारक्खू वारसी, नजरे आलम इत्यादि मौजूद रहे।