बांदा में यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन मामले में सीबीआई ने शिकार बच्चों को बदनामी और धमकी से बचाने के लिए अदालत से गुजारिश की कि चार्जशीट में दर्ज बच्चों के नामों को उजागर न किया जाए। उनके नामों पर स्याही पोत दी जाए।
विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष शुक्रवार को यहां सीबीआई के उपाधीक्षक और इस केस के विवेचक अमित कुमार ने अर्जी देकर अनुरोध किया कि यौन उत्पीड़न का शिकार हुए बच्चे नाबालिग हैं। उनके बयान आदि लिए गए हैं। दाखिल की जा चुकी चार्जशीट में इन बच्चों के नाम और पते आदि का उल्लेख है।
सीबीआई ने कहा कि चार्जशीट देखकर इन बच्चों के नाम उजागर होने से आरोपी पक्ष उन पर दबाव बना सकता है। सीबीआई ने सुझाव दिया कि बच्चों के नाम और पतों पर स्याही पुतवा दी जाए, ताकि वह पढ़े न जा सकें। सीबीआई की इस अर्जी की प्रति न्यायाधीश ने आरोपी के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद को उपलब्ध कराई।