बांदा। पढ़े-लिखे युवाओं ने गांव की सरकार के लिए हुए मतदान में जमकर हिस्सा लिया। मतदान केंद्रों में पहली बार वोट डालने आईं युवतियों में खासा उत्साह रहा। विभिन्न मतदान केंद्रों में वोट डालने पहुंची बेटियों का कहना था कि जाति-धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि गांव के विकास के लिए वोट करना चाहिए। गांव मजबूत होंगे तो देश और प्रदेश भी मजबूत होंगे।
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फोटो परिचय-21 : आरती देवी।
वह पहली बार वोट डाल रही है। वह गांव की सरकार के लिए चुनना पसंद करेंगी जो गांव के विकास में समय देगा। रुआब से प्रधानी न चलाकर ग्रामीणों का पूरा साथ दे।
-आरती, पतवन गांव
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फोटो परिचय-22-निशा सिंह
गांव का विकास कराने को पढ़े लिखे लोगों को ही आगे आना होगा। वह पहली बार मतदान करने आई है। खुशी है कि उन्हें एक अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने का अवसर मिला है।
-निशा सिंह, महोखर गांव
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फोटो परिचय-24-सादिया
व्यवस्थाओं से नाखुश गांव की पढ़ी लिखी लड़कियों ने भी मतदान में जमकर हिस्सा लिया। पहली बार मतदान करने आई ग्योरा मुगली की सादिया ने बताया कि गांव की सरकार पढ़ी लिखी जागरूक होगी तो विकास भी अच्छा होगा। कुछ इसी सोच को लेकर वह मतदान करने आई है।
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फोटो परिचय-23 : ज्योति व स्वाती
पहली बार मतदान करने आई ज्योति और स्वाती ने बताया कि मतदान को लेकर खासा उत्साह है। विकास कार्य कराने वाले प्रत्याशी को ही अपना पहला वोट करेंगी। गांव मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वह लोकतंत्र का हिस्सा बनने शामिल हुई हैं।
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फोटो परिचय-14-बबेरू के हरदौली प्राथमिक विद्यालय में वोट डालने के लिए लाइन में लगीं रोजेदार महिलाएं। संवाद
धूप से पहले रोजेदार ने किया मतदान
बांदा। मुस्लिम बहुल गांवों में मतदान शुरू होते ही बूथों पर वोटरों की लाइन लग गई। सबसे ज्यादा भीड़ रोजेदार मुस्लिम महिला-पुरुषों की रही। तेज धूप होने से पहले सुबह के ठंडे माहौल में रोजेदार वोट देने के लिए बूथों में पहुंच गए। मतदान के निर्धारित समय पर वोट की हरी झंडी मिलते ही रोजदार महिला-पुरुषों ने मताधिकार का प्रयोग किया। कुछ शाम को वोट डालने पहुंचे। रोजेदार महिला-पुरुषों का कहना था कि लोकतंत्र के महापर्व में मतदान भी खास जिम्मेदारी है। (संवाद)
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फोटो परिचय-13-दिखितवारा प्राथमिक विद्यालय में मतदान के बाद स्याही निशान दिखातीं घूंघट ओढ़े महिलाएं। संवाद
घूंघट की ओट से की वोट की चोट
बांदा/बबेरू। पंचायत चुनाव मतदान में पुरुषों के साथ आधी आबादी ने पूरी जिम्मेदारी निभाई और बढ़कर प्रतिभाग किया। मर्यादा के साथ घूंघट की ओट से बैलेट पर वोट की चोट की।
बृहस्पतिवार को मतदान केंद्रों में सुबह से ही महिलाओं की लंबी लाइनें लग गईं। गांव में चुनाव होने और घर-परिवार के बुजुर्गों के सामने लोकलाज का ध्यान रखते हुए घूंघट ओढ़कर महिलाएं मतदान केंद्र पहुंचती रहीं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए वोट डाले गए। गांव में मतदान से महिला मतदाता मर्यादा का पूरा ख्याल रखते हुए वोट देने पहुंचीं। कोई अपनी सास, जेठानी या ननद के साथ वोट डालने गईं तो कई महिला मतदाता अकेले या पति व बेटों के साथ मत डालने पहुंचीं। (संवाद)
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फोटो परिचय-3 व 6 : मोतियारी गांव स्थित मतदान केंद्र में धूप में खड़े और बैठे महिला-पुरुष मतदाता। संवाद
केंद्रों में अव्यवस्थाओं से जूझे वोटर
बांदा/अतर्रा। प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने वाले वोटरों को मतदान केंद्रों में अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। वोटरों के जोश के सामने केंद्रों में लगे तंबू छोटे पड़ गए। भीषण गर्मी और धूप की तपन से मतदाता जूझते रहे। अधिकांश मतदान केंद्रों में पर्याप्त छाया की व्यवस्था न होने से धूप में वोटरों की लाइनें लगी रहीं। जिले के 979 मतदान केंद्रों में बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई। धूप की तपिश, गर्म हवाओं के थपेड़ों से वोटरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बादलों के आवागमन से कुछ राहत रही। जिन केंद्रों में छाया के लिए टेंट लगा था वो पर्याप्त नहीं था। धूप से बचने के लिए लोग तंबू के नीचे एक-दूसरे से सटकर खड़े/बैठे रहे। महिला मतदाता दुपट्टा व साड़ी का पल्लू ओढ़कर छाया करती रहीं तो पुरुष मतदाता अंगौछे के सहारे धूप से बचाव करते नजर आए। तमाम मतदाता पेड़ के नीचे छांव में बैठकर बारी का इंतजार करते रहे। मतदान केंद्रों में छाया की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर वोटरों में भी रोष नजर आया। (संवाद)
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फोटो परिचय-1-कोरोना गाइडलाइन धड़ाम : नरैनी के पनगरा गांव में खुले आसमान तले यूं बैठे महिला-पुरुष मतदाता।
बूथों में धड़ाम रहा सामाजिक दूरी का पालन
बांदा/नरैनी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों के मद्देनजर बृहस्पतिवार को लोग मास्क लगाकर मतदान केंद्र पहुंचे। कोरोना का खौफ वोटरों के जोश के आगे फीका रहा। लोग बेखौफ भीड़ में वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सामाजिक दूरी का पालन धड़ाम रहा। बिना मास्क लगाए पहुंचे मतदाता सुरक्षा कर्मियों के टोकने पर रुमाल व गमछा से नाक-मुंह ढकते रहे। हालांकि, बूथों पर वोटरों की भीड़ कोरोना संक्रमण फैलाने में मददगार साबित हो सकती है। मतदान केंद्र/बूथ में प्रवेश से पूर्व वोटरों को मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सुरक्षा कर्मी जागरूक करते रहे, लेकिन वोटरों की भीड़ के आगे उनके निर्देश दरकिनार होते रहे। (संवाद)
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चवालीस डिग्री तापमान पर हुआ मतदान
बांदा। 44 डिग्री तापमान के साथ धूप और छांव के खेल में मतदान की चाल भी बदलती रही। मुख्यालय से महज आठ किमी दूर स्थित गोयरा मुगली गांव में सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्र पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मतदाताओं की लंबी लाइनें लगी रही। यहां मुस्लिम महिला वोटरों में गजब का उत्साह रहा। महिलाओं ने चूल्हा जलाने से पहले ही बूथों में पहुंच कर मतदान किया। मवई बुजुर्ग गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र में एक बार में पांच लोगों को ही प्रवेश दिया जाता रहा। महोखर गांव के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दोपहर 12 बजे अधिकांश बूथों में सन्नाटा पसरा रहा। (संवाद)
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फोटो परिचय-16-पूर्व माध्यमिक विद्यालय जारी में मतदान रुकने पर मतदेय स्थल को घेरे पुलिस कर्मी।
मतपत्र में गड़बड़ी पर ठप रहा तीन घंटे मतदान
बांदा। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के जारी गांव में मतदान केंद्र पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बूथ संख्या 22 में प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। यहां पर जिला पंचायत सदस्य वार्ड एक के मतपत्र के स्थान पर वार्ड दो के मतपत्र मिले। सुबह 7 से 9 बजे तक करीब एक सैकड़ा पड़ चुके थे।
कुछ मतदाताओं को जब गड़बड़ी की जानकारी हुई तो हंगामा शुरू कर दिया। पीठासीन अधिकारी सतीशचंद्र ने बड़े अफसरों को सूचना दी। लगभग तीन घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। दोपहर करीब एक बजे एसडीएम सदर सुधीर सिंह व एएसपी महोबा आरके गौतम मौके पर पहुंचे और पीठासीन अधिकारी से पूरी जानकारी ली। आक्रोशित मतदाताओं का रुख भांपकर पुलिस बल ने बूथ को पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया। एसडीएम सदर सुधीर कुमार ने बताया कि नए मतपत्र मंगाकर मतदान शुरू करा दिया गया। जो मतदान कर चुके हैं, उन्हें दोबारा वोट डालने का अवसर मिलेगा। (संवाद)
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प्रधान पद प्रत्याशी को बताया मृत, हंगामा
अतर्रा। नरैनी ब्लाक के ग्राम पंचायत नगनेधी में पीठासीन अधिकारी द्वारा प्रत्याशी को मृत बताकर परिजनों को मतदान नहीं करने दिया गया। वोट डालने से रोकने पर प्रत्याशी के परिजनों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। मतदान केंद्र पर प्रदर्शन कर हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम के हस्तक्षेप पर वोट डलवाए गए।
नगनेधी गांव में प्रधान के कुल 23 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां प्रधान पद प्रत्याशी के पुत्र सुंदर द्विवेदी ने बताया कि पिता रामाधार की मृत्यु 2006 में हो गई थी। उनकी मां कमला द्विवेदी इस वर्ष ग्राम प्रधान पद पर चुनाव लड़ रही हैं। आरोप लगाया कि मतदान के ऐन मौके पर पीठासीन अधिकारी द्वारा यह अफवाह फैला दी गई कि प्रत्याशी की मृत्यु हो गई। इससे अफरातफरी हो गई। परिजनों और समर्थकों को वोट नहीं डालने दिए गए। शिकायत पर आए एसडीएम सौरभ शुक्ला ने पीठासीन अधिकारी को फटकार लगाई। इसके बाद वोट डलवाए गए। (संवाद)
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प्रत्याशी समेत 32 के नाम सूची में नहीं
नरैनी। अतर्रा ग्रामीण ग्राम पंचायत में प्रधान पद के प्रत्याशी बादल सिंह व उनकी पत्नी कुंती समेत पछाई बिरादरी के 32 लोगों के नाम मतदाता सूची से नदारद रहे। इस पर दोनों ने बीडीओ मनोज सिंह को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि शासन की ओर से अंतिम प्रकाशन सूची में उनका नाम अंकित है। दोनों लोग अपना वोट डालने गए थे, लेकिन पीठासीन अधिकारी ने मतदाता सूची में नाम न होने पर लौटा दिया। (संवाद)