बांदा। काम के बदले चौथाई दाम मिलेगा। संविदा का काला कानून वापस लो। गुरुवार को मंडल मुख्यालय बांदा की सड़कें इन गगनभेदी नारों से गूंज उठीं। संविदा सरकारी नियमावली के विरुद्ध बांदा के बेरोजगार सड़कों पर उतर आए। बेरोजगार युवा सत्याग्रह के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन कर नेतृत्व भी खुद संभाला। युवाओं ने कहा कि नौकरी न दें सकें तो इच्छा मृत्यु की अनुमति दें। कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूची ज्ञापन डीएम आनंद कुमार सिंह को सौंपा।
संविदा सरकारी नियमावली-2020 को लेकर शिक्षित युवाओं में भी उबाल है। गुरुवार की सुबह से ही जीआईसी ग्राउंड में शिक्षित युवाओं का आना शुरू हो गया। कुछ ही देर में यहां हुजूम इकट्ठा हो गया। बैनर और तख्तियां लेकर युवाओं का हुजूम कलक्ट्रेट की तरफ चल पड़ा।
रास्ते में सिविल लाइन में विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर उन्हें ज्ञापन देना चाहा, लेकिन वह नहीं थे। यहां युवाओं और पुलिस में नोकझाेंक भी हुई। युवाओं ने अशोक लाट के पास नेशनल हाईवे पर कुछ देर जाम लगाया, फिर कलेक्ट्रेट में दाखिल हुए। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने ज्ञापन लेना चाहा, लेकिन युवाओं ने डीएम को सौंपने की बात कही। अंतत: डीएम आनंद कुमार सिंह युवाओं के बीच आए और ज्ञापन लिया।
युवाओं की अगुवाई आनंद मणि त्रिपाठी और शशांक शेखर इत्यादि ने की। विवेक, योगेश, चंद्रभान शुक्ला, प्रत्यूष, पंकज निगम, राघवेंद्र साहू, श्रीश, सोमेश, महेंद्र, अंशुमान, आशुतोष, शुभम, अभय, संजय, वर्षा बाजपेयी, पूजा प्रजापति, रोनी, प्रियांसी, ऊषावती, प्रियंका, संध्या, रश्मि, रिचा समेत बड़ी संख्या युवक-युवतियां शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान कई स्थानों पर यातायात बाधित रहा।
ज्ञापन में शामिल की पांच मांगें
बांदा। बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री को भेजे पांच सूत्री ज्ञापन में समूह ख व ग की सरकारी सेवाओं में संविदा न लागू कर पुरानी प्रणाली को ही लागू रखने, सेवानिवृत्ति की आयु पूर्व की तरह 60/62 वर्ष रखने, जबरन रिटायरमेंट का नियम भ्रष्ट व नाकारा कर्मचारियों पर लागू करने, विभागों में नए पदों का सृजन का युवाओं को अवसर, शिक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक की लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा करने की मांगे शामिल हैं।
अमर उजाला की खबर ने युवाओं को जगाया
प्रदेश सरकार द्वारा संविदा सरकारी नियमावली लागू करने की चल रही कवायद की खबर आम लोगों और बेरोजगारों तक अमर उजाला ने प्रमुखता से पहुंचाई। यह 13 सितंबर को मुख्य/लीड खबर के रूप में छपी थी। गुरुवार को बेरोजगारों के प्रदर्शन के बैनर में अमर उजाला की इस खबर की पीडीएफ दिखाई गई थी।
एकतरफा निर्णय न ले सरकार
प्रदर्शन में शामिल स्नातक बेरोजगार पूजा प्रजापति ने कहा कि सरकार एकतरफा निर्णय ले रही है। मनमाना नियम लागू करने से स्थिति भयावह होगी। इसे संभालना सरकार के लिए मुश्किल होगा। संविदा नियम को लागू करने से पहले सोचना चाहिए।
लंबित पड़ी भर्तियों को भरे सरकार
स्नातक बेरोजगार विवेक दीक्षित ने कहा कि सरकार पहले पिछली लंबित भर्तियों की प्रक्रिया पूरी करे। संविदा नियमावली जैसे कानून देश और प्रदेश के करोड़ों बेरोजगारों के साथ अन्याय है। इस नियम को हर हाल में वापस लेना ही चाहिए।
Unemployed on the streets, anger erupted over contract law- फोटो : BANDA
Unemployed on the streets, anger erupted over contract law- फोटो : BANDA
Unemployed on the streets, anger erupted over contract law- फोटो : BANDA