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विशेष सचिव के नेतृत्व में खदानों पर मारे छापे

Sun, 22 Feb 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त तेवरों के बाद अब केंद्र और राज्य सरकारों से लेकर स्थानीय प्रशासन के अफसर अवैध खनन के विरुद्ध सक्रिय हो रहे हैं।
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एनजीटी और हाईकोर्ट दोनों ने ही प्रदेश सरकार और अफसरों को अपने जवाब देना है। शनिवार को प्रदेश सरकार के अधिकारी की अगवाई में टीम ने कई खदानों की मौके पर जांच की। उधर, अफसरों ने दिन भर भागदौड़ करके ओवरलोड बालू भरे 19 ट्रकों को पकड़कर सीज कर दिया।

गौरतलब है कि एनजीटी ने प्रदेश सरकार और बांदा खनिज के अफसरों को रिपोर्ट देनी है। उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अवैध खनन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाकर खदानों और खनिज निकासी के रास्तों पर सीसी कैमरे लगाने तथा नदी पर बने पुल तोड़ने के आदेश दिए हैं। पिछले दो दिनों से इन पर अफसर भागदौड़ करके कार्रवाई कर रहे हैं।
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शनिवार को प्रदेश सरकार के विशेष सचिव संतोष राय (आईएएस) के नेतृत्व में अफसरों की टीम ने चिल्ला, मटौंध और नरैनी क्षेत्रों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम ने सबसे ज्यादा अवैध खनन वाले क्षेत्र नरैनी में सिर्फ एक घाट के निरीक्षण की रस्म अदा की। टीम के अफसरों ने ज्यादा समय कालिंजर किला के सैर-सपाटे में बिताया। शाम को वापस मुख्यालय आ गए।

उधर, प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने दिन भर भागदौड़ कर ओवरलोड ट्रकों की धर-पकड़ की। उप जिलाधिकारी सदर प्रह्लाद सिंह ने बताया कि भूरागढ़, गंछा, हटेहटी पुरवा, राजघाट, पथरिया घाट आदि खदानों में छापे मारे। साथ में खनिज अधिकारी हवलदार सिंह यादव और क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार भी थे।

चिल्ला थानाध्यक्ष घनश्याम पांडेय ने बताया कि अफसरों की टीम ने ओवरलोड बालू भरे छह ट्रक सीज किए। पांच ट्रकों के चालक सड़क पर ट्रक छोड़कर भाग गए। उधर, मटौंध थानाध्यक्ष कमलेश यादव ने बताया कि गिट्टियों से भरे 13 ओवरलोड ट्रक सीज हुए हैं।
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