अतर्रा। नरैनी क्षेत्र के दिखितवारा गांव में कोरोना से 25 दिना में करीब 35 मौतों से बेखबर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग खबर छपने के बाद सक्रिय हुआ। बुधवार को यहां एसडीएम, बीडीओ, सीएचसी अधीक्षक इत्यादि डेरा डाले रहे। संक्रमित मरीजों को दवाएं दी गईं। ग्रामीणों के नमूने लिए गए।
लगभग पांच हजार आबादी वाले दिखितवारा गांव में कई मजरे जुड़े हैं। लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां लौटे हैं। पिछले माह अप्रैल की शुरूआत में यहां कोरोना संक्रमण शुरू हो गया। कुछ ही दिन बाद ताबड़तोड़ मौतें होने लगीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की टीम या अधिकारी यहां नहीं आए।
35 मौतों की खबर बुधवार को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद एसडीएम सौरभ शुक्ला, बीडीओ मनोज कुमार, एडीओ पंचायत रमेश चंद्र कुशवाहा गांव पहुंचे। ग्राम प्रधान और सचिव को सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए।
उधर, नरैनी सीएचसी अधीक्षक डॉ. देव तिवारी के निर्देशन में संक्रमितों को दवाएं बांटी गईं। आगे भी यहां कैंप लगाने का भरोसा दिलाया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विक्की गौतम ने घरों में किट बटवाई। गांव में इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों से ग्रामीणों में अभी भी दहशत है। समाजसेवी राजेश तिवारी का कहना है कि जब चुनाव में स्कूलों को बूथ बनाया जा सकता है तो टीकाकरण और टेस्टिंग का सेंटर क्याें नहीं? उधर, इस गांव से जुड़े महोतरा, आऊ, सेमरिया, अतर्रा ग्रामीण, पिंडखर, खम्हौरा आदि गांवों में भी संक्रमण दस्तक दे रहा है।
उधर, मौतों की बाबत एसडीएम का कहना है कि ज्यादातर वृद्ध और बीमारों की मृत्यु हुई है। ग्रामीणों को गाइड लाइन का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस टीम के साथ चौकीदार को भी सक्रिय किया गया है।