बांदा। बेटी की शादी में गांव वालों से लिए कर्ज उतारने की चिंता में सिक्योरिटी गार्ड ने घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। छोटी पुत्री ने कमरे में फंदे से शव लटकता देखा तो परिजनों को सूचना दी।
पैलानी थाना क्षेत्र के पड़ेरी गांव निवासी जमुना प्रसाद तिवारी (50) ने शुक्रवार की रात अपने घर के कमरे में बेल्ट से लकड़ी की बल्ली से फंदा लगा लिया। कुछ देर बाद उसकी पुत्री खुशी तिवारी खाना खाने के लिए बुलाने गई तो उसे फंदे से लटका पाया। खुशी ने मां और भाइयों को बताया। भाइयों ने कमरे के पीछे के दरवाजे से दाखिल होकर अंदर से लगी कुंडी को खोला। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर शव को फंदे से उतारा गया।
पुत्र राजू उर्फ आशीष ने बताया कि वह तीन भाई व तीन बहन हैं। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता गुजरात में पुत्र राजू के साथ रहकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वह 27 नवंबर को गांव आए थे। राजू ने बताया कि एक साल पहले बहन प्रिया की शादी के लिए पिता ने गांव वालों से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। कर्ज उतारने को लेकर वह छह माह से परेशान चल रहे थे। वह चिंता में रहते थे। कई बार घर में इसकी चर्चा भी की गई।
राजू ने बताया उन्होंने पिता से कर्ज के चलते परेशान न रहने की बात कही थी, लेकिन वह परेशान रहते थे। उसकी मानसिक स्थिति भी सही नहीं थी। इसी के चलते उन्होंने फंदा लगाकर जान दी है। पुत्र ने बताया कि उनके पास जमीन है। लेकिन कितनी जमीन है वह यह नहीं बता सका। पुत्र ने यह भी बताया कि कर्ज को लेकर किसी भी गांव वाले ने आज तक कोई तगादा नहीं किया। यह बात समझाने के बावजूद वह चिंताग्रस्त रहते थे।
घटना के संबंध में पैलानी थानाध्यक्ष संदीप सिंह ने बताया कि परिजन कर्ज की बात कह रहे हैं। इसी के चलते चिंता में रहने की बात बताई है। प्रथम दृष्टया खुदकुशी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।