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Banda News: बिल वाउचर का खेल, जांच मशीनरी हुई फेल

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बांदा। भले ही जनता महंगाई का शोर मचा रही हो, लेकिन चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से पूछा जाए तो महंगाई का असर दूर-दूर तक नहीं है। तभी तो तीन-चार करोड़ का उनका चुनाव महज 40 से 50 लाख के खर्च के बीच में ही निपट रहा है, जबकि खर्च की सीमा ही इस बार 90 से बढ़ाकर 95 लाख रुपये रखी गई है।
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प्रत्याशियों के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब उन्होंने दूसरी मर्तबा अपने खर्च का ब्यौरा प्रेक्षकों को थमाया। इसमें न्यूनतम खर्च 18000 और अधिकतम खर्च 40 लाख के आसपास ही दिखाया गया। वह भी तब जब प्रचार के मात्र दो दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में पूरा चुनाव अधिकतम 50 लाख के कागजी खर्च पर निपटना तय है।



बता दें कि नामांकन के बाद से ही प्रमुख दलों भाजपा, गठबंधन और बसपा के प्रत्याशियों का काफिला ही सात से आठ गाड़ियों का चल रहा है। इससे डीजल के खर्च का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के खाने-पीने से लेकर चाय-पान तक का खर्च और फिर कार्यालय में बिछने वाली दरी, शामियाना, भंडारा, पानी की बोतलें, बैनर, होर्डिंग, झंडे, साफी, टोपी आदि का खर्च भी शामिल है।
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नामांकन तीन मई को समाप्त हुआ था। इसके बाद से आज करीब 15 दिन बाद भी किसी भी दल के प्रत्याशी के खर्चों का आंकड़ा 50 लाख भी पार नहीं कर सका है। उससे भी बड़े हैरत की बात तो यह है कि जिम्मेदार भी आंखें मूंदकर प्रत्याशियों की ओर से दिए जा रहे बिल व वाउचरों को सही मान रहे हैं।



कागजों में कार्यकर्ता भूखे और प्रत्याशी संग नहीं कोई काफिला

अब एक नजर बिल-वाउचर के इस खेल को समझा जाए। लिखा-पढ़ी में प्रत्याशी अपने काफिले में दो या तीन गाड़ी ही दिखाते हैं। प्रचार वाहनों के नाम पर भी पूरी संसदीय सीट पर चार अथवा पांच वाहन ही दर्शाकर डीजल खर्च कम से कम दिखाया जाता है। रही बात कार्यालय की तो वहां आने वाले सिर्फ पानी अथवा शरबत पीकर काम चलाते दिखाए जाते हैं। कार्यकर्ताओं के लिए कागजों में चाय, नाश्ते और खाने का कोई इंतजाम नहीं होता है।



चुनावी सभाओं में लग रहे एसी-कूलर

बड़े-बड़े नेताओं की चुनावी सभाओं में इस भीषण गर्मी में न सिर्फ ठंडक देने वाले बड़े-बड़े पंडाल ही लगाए जाते हैं, बल्कि मंच की भी विशेष साज सज्जा की जाती है। इसके अलावा मंच पर बैठाने वाले वीआईपी के लिए एसी-कूलर तक लगाए जा रहे हैं। एक-एक सभा में लाखों रुपये के फूल-मालाएं और सोने-चांदी के मुकुट ही पहना दिए जाते हैं। मगर यह सब चुनावी खर्च में यदाकदा ही शामिल किया जाता है।



प्रत्याशियों के अब तक खर्च का विवरण

1-सुरेंद्र कुमार ,स्वतंत्र जनता राज पार्टी
25000 रुपये

2- रामसिंह गौड़
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी

73192 रुपये

3-रामचरन

निर्दलीय

25000 रुपये

4-पंचा उर्फ पंचमलाल
40630 रुपये

भागीदारी पार्टी (पी)

5- गुलाब चंद्र वर्मा

राष्ट्र उदय पार्टी

18014 रुपये
6- मयंक द्विवेदी ,बहुजन समाज पार्टी
17,72,514 रुपये

7- आरके सिंह पटेल, भारतीय जनता पार्टी

39,48,534 रुपये (सर्वाधिक व्यय करने वाली प्रत्याशी)

8-कृष्णा देवी ,शिवशंकर पटेल

समाजवादी पार्टी

21,26,840 रुपये
9- रामचंद्र सरस ,सीपीआई
1,26,550 रुपये
10- बाबूलाल
लोग पार्टी
90,049 रुपये

11-दिनेश पटेल
सरदार पटेल सिद्धांत पार्टी
25000 रुपये
लोकसभा चुनाव में सामग्री पर खर्च की रेट सूची
चाय-समोसा -15 रुपये

पूड़ी-सब्जी -60 रुपये
लंच पैकेट-120 रुपये

वीआईपी लंच पैकेट -200 रुपये

पानी की बोतल -20 रुपये

कोल्डड्रिंक -15 रुपये (200 एमएल)
बेसन का लड्डू प्रति पीस -10 रुपये

कॉफी -15 रुपये

होटल में रूम बुक करने पर

एसी डीलक्स सिंगल बेड का किराया -1650 रुपये

डबल बेड का किराया 2100 रुपये

बिना एसी डीलक्स रूम सिंगल बेड -900 रुपये

डबल बेड -1300 रुपये

सामान्य रूम सिंगल बेड- 600 रुपये

डबल बेड सामान्य -800 रुपये
वाहन खर्च
इनोवा कार-2700 रुपये

जीप 100 रुपये

टेंपो -850 रुपये

टाटा सूमो -1200
स्कार्पियो -1500
इंडिगो, स्विफ्ट व बोलेरो -1200

टाटा सफारी -1600

टवेरा -1700

वर्जन...
वैसे तो प्रत्याशी अपने खर्च के ब्यौरे के साथ जो बिल व बाउचर देते हैं, उन्हें लेखाकारों की टीमें भली भांति देखती है। यदि इसके बाद भी कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच-पड़ताल कराई जाती है। - प्रेक्षक सव्यसांची चक्रवर्ती, नोडल निर्वाचन व्यय (मुख्य कोषाधिकारी बांदा)
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