बांदा। करीब 14 वर्ष बाद मारपीट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी विकास श्रीवास्तव प्रथम की अदालत ने तीन लोगों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह व डा. महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि अतर्रा थाना क्षेत्र के बजरंग पुरवा निवासी मजरा नगवारा संजय सिंह ने तीन दिसंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह और उसका भाई अनूप सिंह बाइक से ब्लाॅक नरैनी जा रहे थे। वह जैसे ही प्राथमिक पाठशाला नगवारा के सामने से गुजरे तो राजनारायन, वीरेंद्र, गायत्री व उसके पति ललित सिंह ने लाठी-डंडों से पीटा था।
मारपीट में उसे व उसके भाई अनूप सिंह को चोट आईं। गायत्री को क्लीन चिट देते हुए आरोप से मुक्त कर दिया गया। तीनों के विरुद्ध 4 अप्रैल 2014 को आरोप बनाया गया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपिताें को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। (