बांदा। मजदूर को पीटने के मामले में चार दोषियों को अदालत ने दो साल की जेल और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश ने सभी सजाएं साथ चलने के आदेश दिए हैं। अदालत से यह फैसला करीब साढ़े 17 साल बाद आया।
विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह ने बताया कि पुनाहुर (बिसंडा) गांव निवासी मातादीन ने 4 अक्तूबर 2005 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि भाई महेश मजदूरी के रुपये मांगने गया था। तभी गांव के ही मिलेश सिंह, कमल, अभिलाष, नरेंद्र ने उसे लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया था। पुलिस ने एससीएसटी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) अनु सक्सेना ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मिलेश, कमल, नरेंद्र व अभिलाष को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अलग-अलग जुर्माना भी किया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त जेल भुगतना होगी। यह भी आदेश दिए कि जुर्माने की पूरी राशि में पांच हजार रुपये पीड़ित को दिए जाएं। विशेष लोक अभियोजक महेंद्र द्विवेदी ने बताया कि केस में तीन गवाह पेश किए गए थे।