बांदा। बीमा क्लेम हथियाने के लिए मां को कार से रौंदकर मार डालने के जुर्म में दो सगे बेटों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। एक आरोपी पहले से ही जेल में है। जमानत पर चल रहे दूसरे को भी जेल भेज दिया गया है। दोनों पर 30-30 हजार जुर्माना भी किया गया है।
घटना तीन मई 2017 की है। फतेहपुर जनपद के बिंदकी थानांतर्गत ठिठौरी गांव निवासी अमर सिंह अपनी मां गुड्डी देवी (40) को बाइक पर बैठाकर चित्रकूट दर्शन को ले गया था। लौटते समय तिंदवारी थाना क्षेत्र के बेंदा जौहरपुर गांव में उसरा नाले के नजदीक रात करीब 10 बजे सामने से आ रहे ट्रक को देखकर बाइक असंतुलित हो गई और उसमें बैठी गुड्डी देवी सड़क पर जा गिरी। इसी बीच पीछे से आ रही तेज रफ्तार जीप ने उसे रौंद दिया। पुत्र अमर ने तिंदवारी थाने में ट्रक चालक के विरुद्ध कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लेकिन थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह ने जब विवेचना शुरू की तो मामला कुछ और निकला। पुलिस तफ्तीश के मुताबिक अमर सिंह (23) ने ही अपने छोटे भाई राहुल सिंह (21) के साथ मां की हत्या की साजिश रची थी। भाई से कहा था कि फतेहपुर से मोबाइल फोन और नया सिम लेकर अपनी निजी कार में तैयार रहना। अभियोजन पक्ष और तफ्तीश के मुताबिक उसरा नाले के पास अमर सिंह के बाइक पर पहुंचते ही कार पर फतेहपुर से भाई राहुल सिंह आ गया। मां को दोनों भाइयों ने मां को बाइक से घसीटकर गिरा दिया। वह रोती और गिड़गिड़ाती रही। राहुल ने मां के ऊपर कार चढ़ा दी। उसकी वहीं मौत हो गई।
पुलिस को कार के पहियों में खून और मृतका की साड़ी के टुकड़े चिपके मिले थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों भाइयों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। 4 मई 2017 को पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर पूर्व में दर्ज दुर्घटना की रिपोर्ट बदलकर हत्या में तब्दील किया और अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने पांच गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को इस घटना का फैसला सुनाते हुए दोनों बेटों को मां की हत्या के जुर्म में उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी।