रात होते ही चोरी-छिपे खदानों में बालू का पोकलैंड व जेसीबी से खनन शुरू हो जाता है। उप जिलाधिकारी ने निरीक्षण में लमेहटा खदान के नजदीक दो पोकलैंड पकड़ीं। पुलिस कब्जे में लेकर थाने ले आई। हालांकि थानाध्यक्ष पोकलैंड को लावारिस बता रहे हैं।
बुधवार की रात अतर्रा उप जिलाधिकारी प्रहलाद सिंह ने पुलिस बल के साथ लमेहटा खदान का निरीक्षण किया। यहां से कुछ दूर पर दो पोकलैंड खड़ी मिलने पर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। दोनों मशीनों को बदौसा थाने ले आ गया। थानाध्यक्ष रामकेवल पटेल ने बताया कि लमेहटा खदान के पास शिवहारी गांव में पोकलैंड लावारिस खड़ी थीं। दोनों को लावारिस में दाखिल किया गया है। गौरतलब है कि इन दिनों लमेहटा खदान काफी चर्चित है।
तीन दिन पूर्व जेसीबी मालिक और खदान के लोगों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई थी। बुधवार को खनिज अधिकारी रामपदारथ सिंह ने मेसर्स एसोसिएट कामर्स पिपरिया, होशंगाबाद के पार्टनर रसमीत सिंह मल्होत्रा और उसकी पत्नी, आनंद ताम्रकार व चंदर चौरसिया के विरुद्ध स्वीकृत गाटा संख्या से हटकर बिना अनुमति बालू के अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एडीएम से अवैध खनन की शिकायत
पैलानी तहसील क्षेत्र के सांड़ी गांव के बाशिंदों ने अपर जिलाधिकारी व खनिज अधिकारी को दी अर्जी में केन व बागै नदी में अवैध खनन की शिकायत की है। कहा है कि रात होते ही खनन मशीनों से होना लगता है। बालू का अवैध खनन भी धड़ल्ले से शुरू हो जाता है। एनजीटी और उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं हो रहा। महंगी बालू बेचकर प्रदेश सरकार को बदनाम किया जा रहा है। चेतावनी दी कि शीघ्र अवैध खनन और मशीनों का प्रयोग नहीं रुका तो आंदोलन को बाध्य होंगे। शिकायतकर्ताओं में कमर जहां, शिवकुमार प्रजापति, छोटू सोनी, शुभम, राजेश पाल, ऊषा, रामदेवी, ममता, शिवरानी आदि ग्रामीण शामिल रहे।