बांदा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी। एक ने किराए के कमरे में तो दूसरे ने नशे के चक्कर में मौत को गले लगा लिया। कमासिन व तिंदवारी थाना क्षेत्र में घटनाएं हुईं।
मरका थाना क्षेत्र के मटेहना गांव निवासी साेनू गुप्ता (28) करीब तीन महीने से कमासिन थाना क्षेत्र के बासी रोड निवासी कमलेश यादव के मकान में किराए से रहता था। मंगलवार को दोपहर तक जब वह कमरे से नहीं निकला तो मकान मालिक कमलेश ने उसे आवाज दी। अंदर से कोई प्रतिक्रिया न होने पर उसने दरवाजे की झिर्री से झांका तो वह अंदर रस्सी के फंदे में पंखे से झूल रहा था। सूचना पर पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।
चचेरे भाई दीपक कुमार ने बताया कि पिता शारदा प्रसाद व मां निर्मला गांव में रहते हैं। यह ई रिक्शा चलाने के लिए कमासिन में आकर रहने लगा था। उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया उसे जानकारी नहीं है। कमासिन इंस्पेक्टर ऋषिदेव सिंह ने बताया कि परिवारों के मुताबिक सोनू जिद्दी स्वभाव का था। दो भाइयों में बड़ा था। वह परिवार से अलग रह रहा था। माता-पिता से नाराज था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
उधर, तिंदवारी थाना क्षेत्र के अमलीकौर बगदरा डेरा निवासी भोली (32) ने मंगलवार की देर शाम अपने घर में रस्सी से छप्पर की धन्नी से फंदा लगा लिया। मां मूर्ति ने देखा तो पड़ाेसियों को बुलाया। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। पड़ाेसी पुष्पराज सिंह ने बताया कि भोली चार भाई थे। दस साल पहले उसके बड़े भाई गयापाल ने अपनी ससुराल बेंदा के उसराहार में फंदा लगाकर जान दी थी। उससे छोटे मुनुवा ने पांच साल पहले अपनी ससुराल में करहिया पुरवा में खुदकुशी की थी।
एक भाई चुनवा 20 साल से लापता है। भोली नशे का आदी था। पुलिस ने उसका एनडीपीएस एक्ट में चालान किया था। पांच महीने पहले वह जेल से छूटकर आया था। पिता स्व. बचनी निषाद की बहुत पहले मौत हो चुकी है। तिंदवारी थानाध्यक्ष राधा कृष्ण तिवारी ने बताया कि मृतक नशे का आदी था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।