मटौंध (बांदा)। शादी से दो माह पहले ही भूमिहीन मजदूर की 18 वर्षीय पुत्री ने घर में खुद को जिंदा जलाकर जान दे दी। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं समझ पा रहे हैं। घटना मटौंध नगर के बैबे थोक की है। यहां शोभा प्रजापति की पुत्री बबली ने सोमवार को घर में मुख्य दरवाजा बंद कर अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। आंगन से धुआं उठता देख पड़ोसी दरवाजा खोलकर दाखिल हुए, लेकिन तब तक बबली की जलकर मौत हो चुकी थी।
शव आंगन में चूल्हे के पास औंधे मुंह पड़ा मिला। पिता अपनी तीन अन्य पुत्रियों और एक पुत्र के साथ खेत में था। चारों बच्चे बबली से छोटे थे। पिता ने बताया कि बबली की शादी पड़ोसी जिले हमीरपुर के पराठा गांव में तय कर दी थी। 27 मई को विवाह होना था। मां की 10 साल पहले ही मौत हो गई थी। बबली ने पढ़ाई नहीं की थी।
घर पर ही रहकर चारों छोटे भाई-बहनों और पिता की देखरेख करती थी। पिता भूमिहीन है। खेतों में मजदूरी करके परिवार पाल रहा है। उसने बताया कि कुछ देर पहले ही बबली ने उसे खाना बनाकर परोसा था। वह खाकर चारों बच्चों को लेकर खेत पर चला गया। तब तक बबली पूरी तरह सामान्य और खुश नजर आ रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
किशोरी ने की जान देने की कोशिश
बांदा। गुटखा खाने पर मां के थप्पड़ जड़ने से क्षुब्ध किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी गांव में सोनिया (14) पुत्री बाबू ने रविवार को शाम कमरे में साड़ी से फांसी लगा ली। परिजनों ने फंदा काटकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
पिता ने बताया गुटखा खाने पर मां ने उसे मार दिया था। उधर, गिरवां थाना क्षेत्र के बहेरी गांव में रामदीन (42) पुत्र स्वामीदीन ने रविवार को रात घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। एक अन्य घटना में अतर्रा थाना क्षेत्र के बल्लान गांव में रीना (20) ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी का प्रयास किया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।