बांदा। अलग-अलग घटनाओं में दो मजदूरों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों घटनाओं के पीछे परिजनों ने आर्थिक तंगी बताई है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
जसपुरा थाना क्षेत्र के झंझरी पुरवा गांव में लालमन निषाद (40) पुत्र भिखरा निषाद ने मंगलवार की रात घर में खपरैल में कपड़े से फांसी लगा ली। अंदर से दरवाजे बंद थे। बुधवार को सुबह पुत्र रामचंद्र ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी।
बताया कि पिता टीबी रोगी था। आर्थिक तंगी से उसका इलाज भी नहीं हो पा रहा था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा ली। उधर, प्रधान रामआसरे ने बताया कि मृतक की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। कांस्टेबल प्रेम सिंह के सहयोग से शव को बांदा पहुंचाया और अंतिम संस्कार कराया।
दूसरी घटना में कमासिन थाना क्षेत्र के सिकरी गांव में दयाराम (65) पुत्र शिवनारायण ने मंगलवार की रात घर में रस्सी से फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र सत्यनारायण ने बताया कि लॉकडाउन में काम न मिलने पर आर्थिक तंगी हो गई। इसी से वह मानसिक रूप से परेशान थे।
बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव निवासी कंचन (16) पुत्री बच्चीलाल ने मंगलवार को दोपहर घर में मिट्टी का तेल डालकर खुद को जिंदा फूंक लिया। उसकी वहीं मौत हो गई। आग की लपटों से खपरैलदार कमरा भी जल गया। लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान बताया गया है।
पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चाचा संतराम ने बताया कि मृतका चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। परिजन आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सके। एक अन्य घटना में नगवारा (अतर्रा) गांव निवासी ऊषा (30) ने मंगलवार की रात घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।