घर में रोते-बिलखते विनोद के परिजन।
- फोटो : परिजन।
बड़ोखर बुजुर्ग (बांदा)। दो बाइकों की आमने-सामने हुई भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। एक बाइक पर पिता-पुत्र सवार थे। इसमें पुत्र की मौत हुई है। दूसरी बाइक पर दो लोग सवार थे, उसमें से एक किशोर की मौत हुई है। दोनों बाइकों में सवार दो लोगों को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुर्जुग गांव निवासी चेतराम ने बताया कि उसका चचेरा भाई विनोद (25) अपने पिता राजू (45) के साथ बाइक से मंगलवार की देर शाम सात बजे बांदा से मजदूरी करके घर जा रहे थे। गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुर्जुग गांव के पेट्रोल पंप के पास गिरवां की ओर से आए देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी बाइक सवार संजय (20) अपने रिश्तेदार सचिन (17) गुढ़ा कला के हनुमान मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे।
उन्होंने पेट्रोल भराने के लिए बाइक को पेट्रोल पंप की ओर मोड़ दिया। जिससे दोनों बाइकों की टक्कर हो गई। हादसे में चारों लोग सड़क में गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां देर रात डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। राजू काे मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है।
उधर, दूसरी बाइक में सवार संजय व सचिन दोनों को कानपुर रेफर किया है। कानपुर में सचिन की भी मौत हो गई। दोनों बाइकों के चालक हेलमेट नहीं लगाए थे। गिरवां थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि दो बाइकों की आमने-सामने हुई टक्कर में एक बाइक के सवार की मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है। दूसरी बाइक में सवार युवक की कानपुर में मौत की जानकारी हुई है। लेकिन उनके पास किसी परिजन ने कोई सूचना नहीं दी है। हो सकता है कानपुर में पोस्टमार्टम करा रहे हों। विनोद के शव का पोस्टमार्टम बांदा में कराया गया है।
चचेरी बहन की शादी में गांव आया था सचिन
बड़ोखर बुजुर्ग। देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी मृतक सचिन के परिजनों ने बताया कि सचिन 20 मई को अपने चाचा की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए राजकोट, राजस्थान से गांव आया था। यहां पर शादी के बाद वह अपने रिश्तेदारी में गिरवां थाना के मणिपुर गांव गए थे। वहां से वह प्रसाद चढ़ाने के लिए गुढ़ा के हनुमान मंदिर गए थे। वहीं से वह लौट रहे थे। लौटते समय हादसे में उनकी मौत हुई है। उधर, मृतक विनोद और उसके पिता मजदूरी करते थे। राजू के पास पांच बिस्वा जमीन है। वह मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे।