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चौकीदार की हत्या में दो को उम्रकैद

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बांदा। महाविद्यालय के चौकीदार की हत्या में दो दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। धारा 457 में भी 10-10 वर्ष की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माना किया है। दोनों बैंक में चोरी के इरादे से आए थे। चौकीदार के भिड़ जाने पर दोनों ने उसकी हत्या कर दी थी।
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शहर के पंडित जेएन डिग्री कालेज परिसर में इलाहाबाद बैंक की ब्रांच है। 5 जून 2012 की रात दो युवक बैंक में चोरी के इरादे से आए। बैंक में सेंध लगाने के बाद भी चोरी में नाकाम रहे। इसी बीच रात में ड्यूटी कर रहे महाविद्यालय के चौकीदार अजीत कुमार (24 वर्ष) का उनसे सामना हो गया।
अजीत उनसे भिड़ गया। दोनों चोरों ने उसके सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतारकर फरार हो गए। भाई सुरजीत सिंह (शांती नगर, बांदा) ने शहर कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध धारा 302, 457 आईपीसी व 25 आर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस की तफ्तीश में आशुतोष उर्फ आशू ताम्रकार पुत्र रमाशंकर (कैलाशपुरी, बांदा) और राजेंद्र बहादुर पुत्र राजबहादुर सिंह (सिंधन कलां, पैलानी) का नाम आया। इनको 7 जून 2012 को शहर की सीमा पर बाबा तालाब के पास गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास चौकीदार से छीना गया कंबल, चाबी का गुच्छा, छुरी आदि सामग्री बरामद हुई। दोनों के शरीर पर चोटें भी थीं। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने आठ गवाह पेश किए। इनमें बैंक ब्रांच के तत्कालीन प्रबंधक रवींद्र कुमार भी शामिल थे। घटना के करीब आठ साल बाद इस मुकदमे का अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को धारा 302 में उम्रकैद व 30 हजार रुपये जुर्माना, धारा 457 में 10-10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर क्रमश: 3 माह और 2 माह की और कैद होगी। अभियुक्त आशुतोष को शस्त्र अधिनियम में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना हुआ। जुर्माना न देने पर 10 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। जमानत पर चल रहे दोनों हत्याभियुक्त निर्णय के समय अदालत में उपस्थित थे। उन्हें जेल भेज दिया गया।
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