ईएसआई परवाणू में इलाज की गारंटी नहीं। भारी भीड़ के चलते यहां सुबह पर्ची बनाने से लेकर चिकित्सक को दिखाने तक पूरा दिन निकल जाता है।
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बांदा/बबेरू। बरसात के मौसम में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को डायरिया ग्रस्त एक बच्चे व वृद्ध की मौत हो गई। उधर, जिला अस्पताल व प्राइवेट क्लीनिकों में डायरिया मरीजों की भरमार है। जौरही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के अंतर्गत कुरौली गांव निवासी भारत साहू के डेढ़ वर्षीय पुत्र मयंक को डायरिया की हालत में सोमवार को यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को यहां उसकी मौत हो गई। नारायण (3) इचौली, हनु (4) व ऊषा (11) माखनपुर, आयशा बानो (20) स्वराज कालोनी, रेनू (18) शिव, संगीता (35) सरस्वाह, सीमा (14) बड़ोखर, लक्ष्मी (3) बरसड़ा, शुभम (8) इंदिरा नगर, सरस (3) व करन (5) निवासी पदारथपुर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, बबेरू क्षेत्र के कुचेंदू गांव निवासी डायरियाग्रस्त रामदास विश्वकर्मा (60) पुत्र चुनुबाद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र सदाशिव ने बताया कि सोमवार को उल्टी-दस्त होने पर उसे स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। गांवों में झोला छाप डाक्टर तमाम मरीजों का उपचार कर रहे हैं। उधर, प्राइवेट अस्पतालों में बुखार और डायरिया के मरीजों की भीड़ है।