बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में दो दिन से फिर बिजली गुल है। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। गंभीर मरीजों की जान पर बन आई है। डाक्टर मजबूरन उन्हें रेफर या लौटा रहे हैं। भर्ती मरीज और उनके तीमारदार भी परेशान हैं। बिजली विभाग चुप्पी साधे है। मेडिकल कालेज के चिकित्सक और स्टाफ के आवासों में भी बिजली न रहने से उनमें रोष पनप रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले साल मार्च में मेडिकल कालेज का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक घोषणा की थी कि मेडिकल कालेज को भरपूर बिजली मिलेगी लेकिन उनकी यह घोषणा पावर कारपोरेशन के आगे बौनी साबित हुई। आज तक मेडिकल कालेज के लिए अलग फीडर नहीं बन पाया।
हालांकि पावर कारपोरेशन अधिकारी फीडर की लाइन में रेलवे लाइन को रोड़ा बता रहे हैं। पिछले दिनों कारपोरेशन द्वारा मेडिकल कालेज को तुलसी नगर फीडर से जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही थी। तब तक कुछ गनीमत था। अब हाल ही में कारपोरेशन ने पपरेंदा फीडर से जोड़ दिया है। इस फीडर में आपूर्ति के बुरे हाल हैं। आए दिन कई-कई दिन के लिए बिजली गुल हो रही है।
शुक्रवार को दोपहर दो बजे आपूर्ति ठप हो गई। मेडिकल कालेज की सारी सेवाएं ठप हो गईं। शनिवार को शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई। मेडिकल कालेज में रोजाना लगभग 700 मरीजों की आमद हो रही है। इनमें आधे से ज्यादा मरीजों की विभिन्न जांचें होती हैं। बिजली बगैर यह सब ठप है। जांच फीस के रूप में मेडिकल कालेज को होने वाली राजस्व आमदनी भी बंद है।
उधर, प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार आर्य ने बताया कि हर विभाग में जेनरेटर की व्यवस्था की जा रही है। जरूरी सेवाओं वाले विभागों में मंगलवार तक जेनरेटर लग जाएंगे। उधर, पावर कार्पोरेशन चित्रकूटधाम मंडल मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से लाइनों में फाल्ट आया है। 132 केवी सब स्टेशन में पानी भर जाने से भी आपूर्ति बाधित हुई है। फाल्ट शीघ्र दुरुस्त कराकर मेडिकल कालेज की बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश अधिशासी अभियंता को दिए हैं।