फोटो 06 बीएनडीपी-9 : चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित करते भारतीय किसान यूनियन नेता। अमर उजाला
जयंती पर टिकैत को दी श्रद्धांजलि
बांदा। भारतीय किसान यूनियन संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 84वीं जयंती पर रविवार को संकट मोचन मंदिर के पास किसान यूनियन की मंडलीय यूनिट ने श्रद्धांजलि दी। उन्हें किसानों का मसीहा बताया। किसानों के लिए उनके द्वारा किए गए तमाम बड़े आंदोलनों को याद किया। जयंती आयोजन में मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, उपाध्यक्ष हरदत्त पांडेय, चौधरी संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी, करण सिंह, बृजेश सिंह, शिवनारायण सिंह, रामस्वरूप निषाद, सत्यराम द्विवेदी, राजाबाई, अनीता, अलोपीदीन तिवारी, नवल द्विवेदी, प्रमोद तिवारी, रामनरेश कुशवाहा, मोहम्मद वकील खां, राजन, सुरेंद्र कुमार, कौशल त्रिवेदी, नफीस, चांद, अजमुद्दीन और रामदास साहू आदि उपस्थित रहे।
अबीर-गुलाल व आतिशबाजी पर प्रतिबंध
अतर्रा। थाना परिसर में आयोजकों के साथ हुई पीस कमेटी की बैठक में एसडीएम सौरभ शुक्ला ने कहा कि देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान अबीर-गुलाल व आतिशबाजी का प्रयोग नहीं किया जाएगा। डीजे पर भी प्रतिबंध रहेगा। देवी विसर्जन मार्ग सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि हर हाल में प्रतिमा विसर्जन का काम शाम 6 बजे तक पूरा कर लिया जाए। क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप ने कहा कि अराजकता फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। बैठक में व्यापार मंडल अध्यक्ष रमाशंकर गुप्ता, युवा उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, राजकिशोर बाजपेयी, इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी, एसएसआई चंद्रपाल सिंह, एसआई गौरव तिवारी, पन्नालाल, गोपाल दुबे आदि मौजूद रहे।
दिवसीय प्रशिक्षण दिया
अतर्रा। 10 अक्तूबर से घर-घर चलाए जाने वाले टीबी रोगी खोज अभियान में लगी टीमों को सीएचसी में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.वीके श्रीवास्तव ने अभियान के बारे में जानकारी दी। अतर्रा व बदौसा में 5-5 टीमें लगाई गई हैं। रोगियों का पंजीकरण करने के बाद घर में ही इलाज व दवा उपलब्ध कराएंगी। टीबी मरीज को योजना के तहत प्रतिमाह 500 रुपये पोषण भत्ता दिया जाएगा। कार्यक्रम में दिनेश कुमार, प्रदीप अग्रवाल समेत आशा व स्वयंसेवी शामिल रहे।
------
फोटो 06 बीएनडीपी-3 : कथा वाचक गीता किशोरी।
सुदामा चरित्र सुनकर भर आई आंखे
खप्टिहा कलां। कस्बे के पाथादाई मंदिर परिसर में चल रही संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर सुदामा चरित्र का प्रसंग हुआ। कथा वाचक गीता किशोरी (वृंदावन) ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा ने एक साथ संदीपन गुरू के यहां शिक्षा ग्रहण की थी। सुदामा प्रभु कृष्ण का हर वक्त स्मरण करते थे। पत्नी सुशीला के कहने पर वह द्वारिकापुरी गए तो भगवान ने उन्हें गले लगा लिया। सुदामा के प्रेम के दो मुट्ठी चावल खाकर दो लोक दान दे दिए। प्रभु तो सिर्फ प्रेम के भूखे हैं।