बांदा। लगभग चौदह वर्ष पूर्व दस्यु ठोकिया गिरोह द्वारा घात लगाकर छह एसटीएफ जवानों समेत सात लोगों की हत्या कर देने के प्रकरण की सुनवाई अब फिर शुरू हो गई। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) की अदालत में लगभग दो सप्ताह से इस मामले पर वकीलों की बहस चल रही है। पूर्व पीठासीन अधिकारी/न्यायाधीश के स्थानांतरण से इस केस का फैसला नहीं हो सका था।
इस अदालत के पीठासीन अधिकारी हरेंद्र कुमार के स्थानांतरण के बाद अब विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बलराज सिंह ने पुन: नए सिरे से इसकी सुनवाई शुरू कर दी है। आरोपियों की ओर से फौजदारी अधिवक्ता डा. विचित्र वीर सिंह अदालत में दो सप्ताह से बहस कर रहे हैं। अदालत द्वारा इस केस की सुनवाई हर दूसरे दिन हो रही है। 15 जुलाई को फिर बहस होगी। इसके बाद फौजदारी के अधिवक्ता अशोक दीक्षित द्वारा अदालत में बहस की जाएगी। वकीलों के मुताबिक शीघ्र निर्णय के लिए अदालत द्वारा 2 से 3 घंटे तक सुनवाई की जा रही है।
22 जुलाई 2007 की रात लगभग 11 बजे ठोकिया गिरोह ने बघोलन तिराहे पर घात लगाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर एसटीएफ जवान ईश्वर देव सिंह, उमाशंकर, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, राजेश सिंह चौहान, बृजेश यादव व गिरीशचंद्र नागर और मुखबिर राजकरन की हत्या कर दी थी। सभी एसटीएफ जवान आधुनिक शस्त्रों से लैस थे, लेकिन बदमाशों के घात लगाकर हमले से नहीं बच सके। कर्वी (चित्रकूट) में डकैतों के विरुद्ध कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ठोकिया गिरोह का डकैत ज्ञान सिंह बांदा जेल में है, जबकि अन्य गिरोह के सदस्य किशोरी पटेल, नरेंद्र भदौरिया, देवशरण पटेल, शिवमूरत सहित 15 आरोपी चित्रकूट जेल में बंद हैं। दस्यु सरगना ठोकिया की मुठभेड़ में मौत हो चुकी है।