चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के घोटाले में शनिवार को सत्र न्यायाधीश ने दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इनमें एक पेंशनर और एसआईटी की विवेचना में नामजद एक बिचौलिया शामिल है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि घोटाले में पहाड़ी थाना क्षेत्र के तौरा गांव निवासी पेंशनर कामता प्रसाद दीक्षित का नाम सामने आया है। आरोप है कि बिचौलिए और कोषागार कर्मियों की मिलीभगत से उनके खाते में 10 जनवरी, 7 फरवरी और 10 सितंबर 2025 को 14,38,060 रुपये की अनियमित धनराशि डाली गई।
यह धनराशि बाद में निकाल ली गई और पेंशनर द्वारा ही उपयोग किए जाने की बात सामने आई है। कौशांबी जिले के संदीपनघाट के जलीलपुर निवासी बिचौलिया पुष्पेश शर्मा का नाम भी एसआईटी की जांच में आया है। उस पर पेंशनर कमला देवी के खाते में रुपये डलवाकर धनराशि का उपयोग करने का आरोप है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी।
सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। उन्होंने पेंशनर कामता प्रसाद दीक्षित और बिचौलिए पुष्पेश शर्मा की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी। यह घोटाला 43.13 करोड़ रुपये का है। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।