फोटो - 16 ट्रामा सेंटर में ट्राली बेड व बेंच में चल रहा मरीजों का उपचार। संवाद
बांदा। नौ तपा के साथ शुरू हुई भीषण तपन में जिला अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर भी बुखार और डायरिया के मरीजों से फुल रहा। यहां के आईसीयू समेत सभी 29 बेड फुल रहे। मरीजों को बरामदे में बेंच और ट्रॉली बेडों में लिटाकर इलाज किया गया। जबकि कई मरीजों को आरक्षित किए गए वार्डों में भेजा गया।
भीषण गर्मी और तपन लोगों की सेहत खराब कर रही है। जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को नौतपा के पहले दिन 40 से ज्यादा मरीज भर्ती किए गए। डायरिया और बुखार से ग्रसित जौरही गांव निवासी अलीसा (चार माह), कटरा निवासी मोहनी (12), सरस्वाह गांव निवासी जाह्ववी (1), मुचियाना निवासी इंद्रकुमार (70) समेत 40 लोगों को भर्ती कराया गया है।
ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टर विनीत सचान ने बताया कि गर्मी के मौसम में इन दिनों बुखार और डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर के सभी 29 बेड फुल होने पर बरामदे में ट्रॉली बेड और बेंच में इलाज किया जा रहा है। कुछ मरीजों को अंदर आरक्षित वार्ड में भी शिफ्ट किया गया है। डॉक्टर का कहना है कि दिन में तीन से चार बार दस्त आने पर डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहें। घर में ग्लूकोज व ओआरएस का पैकेट जरूर रखें।
शॉक व उल्टी होने से युवक की मौत
बांदा। बिसंडा थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी शिवम (20) को भीषण गर्मी में उल्टियां होने से 21 मई को हालत बिगड़ गई थी। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने शाॅक में होना बताया था। इलाज के दौरान दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। (संवाद)