बांदा। डायरिया और बुखार लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा। गुरुवार को ट्रामा सेंटर के सभी 22 बेड फुल रहे। गैलरी में पड़े बेडो में लिटाकर मरीजों का इलाज किया गया। यहां 12 मरीजों को भर्ती कराया गया।
महोबा कबरई की मानवी (3 माह), धीरज नगर निवासी पायल (27), बिलबई मौदहा निवासी प्रियंका (18), बाबूलाल चौराहा निवासी संतोष (37), निम्नीपार निवासी ललिता (55), बिजली खेड़ा निवासी राजा देवी (60), रायबरेली निवासी रामबरन (32), हथौरा निवासी श्यामपाल (65), शंकर नगर निवासी दीपू (5), इंदिरानगर निवासी विमला (60), कंचन पुरवा निवासी संगीता (40), कटरा मोहल्ला निवासी रामकिशोर (72) को डायरिया से ग्रसित होने पर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि गर्मी के दिनों में खाली पेट घर के बाहर नहीं निकले। खानपान में विशेष एहतियात बरते। अगर दिन में तीन से चार बार लूज मोशन हो रहे हैं तो अस्पताल में दिखाएं। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर में अगर मरीज ज्यादा हो जाते हैं तो उन्हें अंदर वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। इमरजेंसी में नेत्र रोग विभाग के 15 बेड रिजर्व किए गए हैं।
इनसेट..
दो बजे से पहले खाली हुई डॉक्टरों की कुर्सियां
जिला अस्पताल की ओपीडी में दोपहर दो बजने से पहले ही डॉक्टरों की कुर्सियां खाली मिलीं। देर से आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर में दिखाना पड़ा। जिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हैं। अधिकांश डॉक्टर दो बजने से पहले ही अपनी कुर्सी छोड़कर निकल गए। इस संबंध में प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि देर से आने वाले मरीज अपने आपको ट्राॅमा सेंटर में दिखा सकते हैं।