बांदा। रक्षाबंधन के त्योहार पर पांच सितंबर तक ट्रेनें फुल हैं। दिल्ली, मुंबई, भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों की सीटें भर गई हैं। प्रतीक्षा सूची लंबी होती जा रही है। ऐसे में त्योहार पर बाहर जाने वाले यात्रियों में सीट को लेकर खासी मारामारी है। यहां तक कि जनरल कोच में भी गेट के पास खड़े होने में धक्कामुक्की के बीच यात्रा करनी पड़ रही है।
रक्षाबंधन का त्योहार 30 अगस्त को है। इसके चलते लोग पर्व में अपने घर जा रहे हैं। दूसरे दिन कजली का त्योहार होगा। परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने के लिए घर जाने के लिए लोग रिजर्वेशन कराने में जुटे हैं। आलम यह है कि दिल्ली, मुंबई, भोपाल जाने व आने वाली ज्यादातर ट्रेनों की सीटें फुल हो गई हैं। यात्रियों में एक-एक सीट के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है।
यात्रियों का कहना है कि दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में स्लीपर तो दूर एसी का भी रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। 28 अगस्त से पांच सितंबर तक ट्रेनें फुल हैं। ऐसी स्थिति में या तो यात्रा निरस्त करनी पड़ेगी या फिर मजबूरी में बस में सफर करना पड़ेगा। स्टेशन प्रबंधक मनोज शिवहरे का कहना है कि रक्षाबंधन पर यात्रियों की संख्या दो गुना हो जाती है। हर कोई त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए घर आता है। ऐसे में लोग पहले से ही रिजर्वेशन कराने में लगे हुए है, जिससे सीटें भर गई हैं।
ट्रेनों में रिजर्वेशन की स्थिति
जबलपुर-लखनऊ (चित्रकूट एक्सप्रेस) की स्लीपर में 15 और एसी द्वितीय में दो, प्रयागराज-लोकमान्य तिलक (तुलसी एक्सप्रेस) की स्लीपर में 40, एसी द्वितीय दो, ग्वालियर-हाबड़ा (चंबल एक्सप्रेस) की स्लीपर में 22, गोरखपुर-लोकमान्य तिलक (गोरखपुर एक्सप्रेस) की स्लीपर में 20, मानिकपुर-निजामुद्दीन (संपर्क क्रांति एक्सप्रेस) की स्लीपर में 25, जबलपुर-निजामुद्दीन (महाकौशल एक्सप्रेस) स्पीपर में 20, प्रयागराज-अंबेडकर (अंबेडकर नगर एक्सप्रेस) की स्लीपर में 15 वेटिंग चल रही है।