फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रेन का ब्रेक फेल, भगदड़ में पांच घायल, एक का पैर कटा

Wed, 17 Jun 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्रियों से खचाखच भरी इलाहाबाद-झांसी पैसेंजर ट्रेन का मंगलवार को आउटर से बांदा स्टेशन पहुंचते समय ब्रेक फेल हो गया। ट्रेन निर्धारित गति से तीन गुना ज्यादा रफ्तार से गुजर गई। इससे प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों मेें भगदड़ मच गई और पांच लोग गिरकर जख्मी हो गए। ट्रेन के दूसरे गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को तो रोक लिया लेकिन झटका लगने से पायदान पर बैठा यात्री नीचे गिर पड़ा और उसका एक पैर कट गया। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


इलाहाबाद से झांसी जा रही पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी नंबर-51820) दोपहर करीब 12:30 बजे बांदा रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल पर पहुंची। ट्रेन के ड्राइवर संतोष सविता ने ब्रेक लगाकर ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित करनी चाही तो ब्रेक ने काम नहीं किया।

उस समय ट्रेन की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटा थी। स्टेशन नजदीक आता देख चालक के हाथ-पैर फूल गए। गाड़ी की यह गति निर्धारित रफ्तार से चार गुना ज्यादा थी। आननफानन में लोको पायलट ने वॉकी टॉकी (वायरलेस फोन) से इसकी सूचना रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम को दी।
विज्ञापन


संदेश सुनकर बांदा प्लेटफार्म पर मौजूद स्टेशन प्रबंधक एसपी पटेल ने ट्रेन के दूसरे गार्ड बीएल मीना को इमरजेंसी ब्रेक लगाने के निर्देश दिए। इतने में ट्रेन धड़धड़ाती हुई प्लेटफार्म से गुजर गई। ट्रेन के इंतजार में प्लेटफार्म पर खड़े यात्रियों में भगदड़ मच गई। पांच यात्री गिरकर घायल हो गए।

ट्रेन की रफ्तार कम न होती देख खैराडा रेलवे स्टेशन तक लाइन क्लीयर करते हुए थ्रू-आउट सिग्नल दे दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि ट्रेन न रुकने की दशा में कोई दुर्घटना न हो। स्टेशन प्रबंधक का मैसेज मिलते ही गार्ड बीएल मीना ने अपनी बोगी से इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया।

ट्रेन कई झटकों के साथ कुछ दूरी पर जाकर रुक गई। इस बीच झटके से ट्रेन के पायदान पर बैठा फतेहपुर जनपद के घुमरा गांव का श्याम सुंदर (19) पुत्र बौरा ट्रेन से नीचे आ गिरा और चक्कों में फंसकर उसका बायां पैर कट गया। रेलवे स्टाफ ने उसे रेलवे अस्पताल पहुंचाया।

यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। भगदड़ में घायल लोगों में दिनेश कुमार (35) पुत्र बुद्ध विलास (महोबा), रानी देवी (30) पत्नी दिनेश कुमार, आसमा परवीन (45) पत्नी दिलशाद (झांसी) और उसकी पुत्री निसार (17) तथा एक अन्य यात्री फूलचंद्र (55) पुत्र श्याम (मटौंध) शामिल हैं। इन सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि अमावस्या के चलते ट्रेन मेें यात्री अधिक थे। कुछ यात्री अनधिकृत रूप से बोगियों के बीच वाले स्थान पर चढ़े थे। ऐसा लगता है कि इसी कारण हौज पाइप अलग हो गया और ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए। ट्रेन को यहां इमरजेंसी ब्रेक से रोके जाने के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने छत और बोगियों के बीच बैठे यात्रियों को उतारा। दूसरे इंजन को लगाकर ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें