बांदा। नवरात्र में मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था बदली गई है। बांदा-प्रयागराज मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के साथ बसों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
शहर के बाबूलाल चौराहा, काली माता मंदिर, रामलीला मैदान और अतर्रा चुंगी समेत कई स्थानों पर दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं। सुबह-शाम यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में भीड़ और जाम से बचाव के लिए बसों को अलग-अलग रास्तों से निकाला जा रहा है।
चित्रकूट जाने का प्रमुख मार्ग होने के कारण बांदा-प्रयागराज मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री बसों से सफर करते हैं। इस समय दिन में बसें बस स्टैंड से निकलकर बबेरू रोड होते हुए अतर्रा बाईपास पहुंच रही हैं। इसके बाद वह महुआ, खुरहंड, अतर्रा, बदौसा होते हुए चित्रकूट तक जा रही हैं। वापसी में भी इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, शाम होने के बाद बसों को तिंदवारी रोड से बाईपास होते हुए अतर्रा बाईपास तक जाना पड़ रहा है।
रूट बदलने से यात्रियों को करीब 20 से 25 मिनट अधिक समय लग रहा है और वह करीब दस से बारह किलोमीटर अधिक यात्रा कर रहे हैं। नवरात्र के दौरान पंडालों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से यातायात का दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए डायवर्जन किया गया है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलना पड़ रहा है।