पैन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर सराफा व्यवसायियों का बंदी आह्वान जिले में सफल रहा। नगर सराफा समिति के तत्वाधान में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। बंदी के कारण पौने दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
शुक्रवार को पूरे जिले में सराफा कारोबार पूरी तरह ठप रहा। जनपद में छोटी-बड़ी 1500 सराफा दुकानें हैं। यहां रोजाना लगभग सवा करोड़ रुपये सोने और 45 से 50 लाख रुपये तक का चांदी का कारोबार होता है। अकेले शहर में 250 से ज्यादा सराफा प्रतिष्ठान हैं।
सराफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राधाकृष्ण गोयल (किशन भइया), महामंत्री सत्यप्रकाश सराफ के नेतृत्व में व्यवसायियों ने दुकान बंद रखीं और चौक बाजार चौराहे पर धरना दिया। पैन कार्ड की अनिवार्यता को कारोबार में बाधा बताते हुए नाराजगी जताई।
बैठक के बाद कलेक्ट्रेट जाकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें एक लाख रुपये से अधिक कीमत के आभूषण खरीदने पर पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की गई। कहा कि इससे व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा। सरकारी राजस्व को भी नुकसान होगा। ज्ञापन देने वालों में सुनील अग्रवाल, अशोक ओमर, द्वारिका सोनी, संजय मिश्रा, संदीप अग्रवाल, राजन अग्रवाल, सुनील कुमार, मोतीलाल अग्रवाल, गोपाल रावत, राजेश चौरसिया, अंकित सोनी आदि शामिल रहे।