बस्ती की बदहाली दिखा रहे पूर्व सैनिक
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सैनिकों के शौर्य और पराक्रम का एक पहलू यह है कि सारा देश उनकी जय-जयकार कर रहा है, तो दूसरी तस्वीर उन पूर्व सैनिकों की बस्तियों की है जो कभी सरहद पर अपने शौर्य और साहस का शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। सैनिकों के जय जयकारों के बीच अपने ही शहर में उपेक्षा का जीवन जी रहे हैं। इन पूर्व सैनिकों को सम्मान तो दरकिनार बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रहीं।
उनकी बस्ती की नालियां मलबे से भरी पड़ी हैं। रास्तों पर कूड़ा करकट और दलदल है। चौतरफा स्वच्छता अभियान के पिट रहे ढिढोरे के बीच पूर्व सैनिक और उनके परिवार गंदगी भरे माहौल में सांस ले रहे हैं। पूर्व सैनिक इस उपेक्षा को अपने अपमान के रूप में भी देख रहे हैं। हम बात कर रहे हैं। मंडल मुख्यालय बांदा शहर के सर्वोदय नगर (गली नंबर-2, चिल्ला रोड) और गायत्री नगर की। इन दोनों बस्तियों में खासी तादाद में पूर्व सैनिक सपरिवार आबाद हैं। गंदगी के बीच उन्हें पेयजल संकट के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है।