उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने खबरदार किया है कि उनकी मांगें पूरी न हुईं तो पहली सितंबर को एक दिवसीय और 5 सितंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। गुरुवार को यहां मुख्य अभियंता कार्यालय में धरने को संबोधित करते हुए जोनल मंत्री अनिल यादव ने कहा कि विद्युत प्रशासन द्वारा लगातार संविदा कर्मियों का उत्पीडन किया जा रहा है।
40 प्रतिशत भूतपूर्व सैनिकों को रखना व 6 हजार मानदेय पाने वाले संविदा कर्मियों का तहसील से बाहर स्थानान्तरण करना गलत है। कर्मियों को छह माह से मानदेय का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। अध्यक्ष मोहन राजपूत ने कहा कि यदि पावर कारपोरेशन द्वारा आदेशों को निरस्त नहीं किया जाता है तो 1 सितम्बर को कार्य बहिष्कार किया जाएगा। आलोक शर्मा ने कहा कि सुनवाई न हुई तो 5 सितंबर से बेमियादी कार्य बहिष्कार हड़ताल शुरू की जाएगी। संचालन आनंद पाल ने किया। धरने में विजय शंकर, सुरेश सिंह, बालेंद्र सिंह, तौसीफ, आलोक शर्मा, अशोक दीक्षित, लखन पटेल, रिंकू, पप्पू रजा, कमाल अहमद, रवींद्र यादव, अर्जुन, महेंद्र साहू, महेश, अरसद अहमद आदि मौजूद रहे।
उधर, उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष फैयाज खां, संगठन मंत्री अली मोहम्मद, पंकज, जमील, जमीरूल हसन आसिफ, सुरेश, अरविंद, रफीक, दिनेश, जय प्रकाश, सुरेश, मुकेश आदि मौजूद रहे।