नेशनल हाइवे पर बांदा शहर के नजदीक केन नदी में बने पुल पर केंद्र सरकार के टोल टैक्स खत्म कर दिए जाने के बाद भी वसूली पर जन प्रतिनिधियों और नागरिकों ने विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि एक हफ्ते के अंदर टैक्स वसूली बंद नहीं हुई तो धरना और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
17 जनवरी को ‘अमर उजाला’ में दिल्ली से प्रकाशित खबर में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश में 13 पुलों को जनवरी से टोल टैक्स मुक्त किया जा चुका है। इसमें बांदा में एनएच-76 पर केन नदी में बना पुल भी शामिल है। अब इस पुल से गुजरने वालों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
उधर, 28 फरवरी को ‘अमर उजाला’ ने एक और खबर प्रकाशित की थी कि इस पुल की लागत 1.56 करोड़ थी जबकि अब तक 8.57 करोड़ रुपये से ज्यादा टोल टैक्स के रूप में वसूले जा चुके हैं। इसके बावजूद पुल पर अभी भी टोल टैक्स की वसूली जारी है।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि वसूली का ठेका 31 मार्च तक का है। उधर, मटौंध नगर पंचायत सदस्य श्यामजी तिवारी सहित तमाम लोगों ने मंगलवार को जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर का हवाला देकर कहा है कि टोल टैक्स के नाम पर अवैध वसूली तत्काल बंद की जाए।
यह पुल टोल टैक्स मुक्त किया जा चुका है। वसूली बंद नहीं हुई तो एक हफ्ते के बाद आंदोलन शुरू होगा। ज्ञापन देने वालों में इरफान सौदागर, दिनेश कुमार रैकवार, रतीराम कुशवाहा, राजबहादुर, अवध बिहारी शर्मा, चिंटू सिंह, पिंटू साहू, राकेशलाल, रहमान आदि शामिल हैं।