पावर कारपोरेशन अधिकारियों के रवैए से खफा और लंबे अरसे से की जा रही मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज बिजली कर्मचारी चार फरवरी से पूरे मंडल में बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। इनमें संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं।
ऐसे में इसी माह शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के मौके पर बिजली आपूर्ति लड़खड़ाने के आसार पैदा हो गए हैं। मंगलवार को उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ की बांदा यूनिट के मीडिया प्रभारी आलोक शर्मा के जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि मुख्य अभियंता कार्यालय, बांदा में 25 जून से धरना चल रहा है।
कई बार बातचीत हुई पर कोई नतीजा नहीं निकला। मंगलवार को मुख्य अभियंता (बांदा) ने संघ प्रतिनिधि मंडल को अपने कार्यालय में बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन वह जानबूझकर चित्रकूट चले गए। बहाना एमडी के साथ आगरा जाने का बता दिया गया।
इस हरकत से नाराज संघ पदाधिकारियों ने तत्काल बैठक कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 4 फरवरी (3 फरवरी की आधी रात के बाद) से चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में स्थायी और संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार चले गए जाएंगे। संघ जोनल मंत्री मोहम्मद सुभान ने कहा कि करीब एक वर्ष से कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं कराया जा रहा।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि बांदा जनपद के कर्मचारी 33/11 सब स्टेशन पीली कोठी, चित्रकूट जनपद के कर्मचारी 33/11 केवी सब स्टेशन रानीपुर भट्ट, महोबा के कर्मचारी सब स्टेशन कीरत सागर और हमीरपुर के कर्मचारी विद्युत वितरण मंडल, हमीरपुर कार्यालय में एकत्रित होकर कार्य बहिष्कार करेंगे।
जोनल मंत्री ने खबरदार किया कि जो कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होगा और ड्यूटी पर पाया गया तो संगठन उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। गौरतलब है कि पूरे मंडल में लगभग 700 बिजली कर्मचारी हैं। इनमें 450 संविदा कर्मी हैं।
उधर, इसी माह शुरु हो रही बोर्ड परीक्षा के मौके पर हड़ताल से बिजली आपूर्ति बाधित होने के आसार हैं। फाल्ट होने पर कर्मचारी इसे नहीं सुधारेंगे। इससे स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। सत्तारूढ़ दल के नेता, जनप्रतिनिधि और अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हैं।
पावर कारपोरेशन चित्रकूटधाम मंडल के अधीक्षण अभियंता, एके सक्सेना ने कहा कि बिजली कर्मियों की हड़ताल संबंधी कोई नोटिस मुझे प्राप्त नहीं हुई है। मुख्य अभियंता प्रबंध निदेशक के साथ आगरा चले गए हैं। उनके वापस आने पर बिजली कर्मचारियों की बातचीत कराई जाएगी।
सब स्टेशनों में तैनात पूर्व सैनिक (एसएसओ) हड़ताल पर नहीं जा रहे। बिजली कर्मी हड़ताल पर गए तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। बिजली कर्मियों का अचानक हड़ताल पर जाने का निर्णय उचित नहीं है।