डाल की छंटाई करते बिजली कर्मचारी।
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फोटो35- जिला परिषद के पास आंधी गिरी डालियों की छंटाई करते कर्मचारी।-संवाद
बांदा। शहर व ग्रामीण इलाकों में गुरुवार को सुबह धूल भरी आंधी में बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। कई जगह जंफर उड़ गए तो कई इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर तारों में गिरीं और तार टूटकर नीचे गिर गए। इससे करीब छह घंटे तक बिजली के दर्शन नहीं हुए। दोपहर एक बजे तक कर्मचारियों ने तार दुरुस्त कर लाइन चालू की।
शहर में पीलीकोठी से जुड़े टेलीफोन टावर में राजकीय महिला महाविद्यालय के पास तेज आंधी में डाल टूटकर पेड़ में गिर गई। इससे यहां की बिजली गुल हो गई। बिजली जाने से लोग सुबह पानी भी नहीं भर पाए। कर्मचारी करीब दो घंटे बाद पहुंचे और तार दुरुस्त करने की कवायद शुरू की। तब कहीं जाकर दोपहर एक बजे लाइन चालू हुई। इससे मर्दननाका, छिपटहरी, कोतवाली रोड, खाईंपार की बिजली व्यवस्था छह घंटे ठप रही।
उधर, स्टेशन रोड और अलीगंज फीडर में कई जगह ट्रांसफार्मरों के जंफर उड़ गए। इससे यहां भी चार घंटे तक लोगों को बिजली नहीं मिली। जारी फीडर से जुड़े करीब आधा सैकड़ा गांवों में कईं तार टूट गए तो कहीं फाल्ट मार गया। इससे यहां पूरे दिन बिजली नहीं आई। लोग मोबाइल चार्ज करने को तरस गए। भूरागढ़ फीडर में भी आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। हालांकि यहां की लाइनें सही रहीं।
इससे 11 बजे तक बिजली चालू कर दी गई। उधर, पीलीकोठी उप केंद्र के एसडीओ चंदन यादव ने बताया कि कई जगह पेड़ छंटाई का कार्य चल रहा है। इससे शटडाउन लेना पड़ा। इसके अलावा ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग जांची जा रही है। इसको लेकर भी बिजली बाधित रही। कामकाज के चलते बिजली बाधित रहने की जानकारी उपभोक्ताओं को मीडिया के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी।