फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैलों से मड़ाई कर तलाश रहे दाना

Sun, 19 Apr 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
ओला, बारिश से चौपट होने के बाद खेतों में बची-खुची फसल में किसान अपने पेट भरने का अनाज तलाश रहे हैं। तंगहाली में मड़ाई ट्रैक्टराें के बजाए बैलों से कराई जा रही है। पुकारी गांव में किसान चुनूबाद अहिरवार ने पट्टे की ढाई बीघा जमीन में अरहर बोई थी।
विज्ञापन


इसके अलावा उसने 8 बीघा बटाई पर ली जमीन में गेहूं और चना बोया था। बारिश और ओलावृष्टि से चुनूबाद की काफी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर वाले छह से आठ सौ रुपये प्रति घंटा मड़ाई का लेते हैं। इतनी की तो फसल भी नहीं बची है।

ऐसे में पुरानी पद्धति बैलों से फसल को रौंदवाकर मड़ाई की जा रही है। पूर्व में इसी तरह से मड़ाई होती थी। ट्रैक्टरों का चलन होने के बाद यह लगभग खत्म हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें