फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: नकदी ही नहीं दारू व ड्रग्स के जरिए भी डाल रहे डोरे

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। लोकसभा चुनाव में इस बार प्रत्याशी भले ही लिखा-पढ़ी में अपना-अपना चुनावी खर्चा कम दिखा रहे हों, पर मतदाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उड़न दस्तों ने अब तक जांच में 60 लाख की नकदी जब्त की। वहीं करीब एक करोड़ की शराब व ड्रग्स भी बरामद हुई। वाहनों की जांच में 55 लाख का सोना और 70 लाख की अन्य सामग्री भी पकड़ी है।
विज्ञापन


वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भी मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध ढंग से साड़ी, शराब, नकदी व अन्य सामग्री वितरण करने से रोकने के लिए आयोग ने उड़नदस्तों को लगाया था। तब 97.87 हजार की नकदी, शराब व ड्रग्स पकड़ी गई थी। इस वर्ष तो प्रत्याशी व समर्थकों ने तो कई चुनावों का रिकार्ड ही तोड़ दिया। चुनाव आयोग ने इस बार भी करीब 21 उड़न दस्ते निगरानी में लगाए हैं। यह जनपद की सीमाओं से लेकर अन्य मुख्य मार्गों पर नजर गड़ाए हैं।
अब तक पखवारे भर में वाहनों से करीब 60 लाख 8400 रुपये कैश बरामद किया गया है, जिसका वाहन स्वामी कोई हिसाब नहीं दे पाए। इसके अलावा 19 हजार 382 लीटर अवैध शराब जब्त की जा चुकी है, जिसकी कीमत करीब 52लाख 22 हजार रुपये है। उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों ने जांच में 47.65 लाख की ड्रग्स भी वाहनों से पकड़ी है। वहीं 792 ग्राम सोना भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 55.54 लाख रुपये है।
विज्ञापन





निर्माण सामग्री भी वितरण में पीछे नहीं



बांदा। लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी इस बार निर्माण सामग्री तक वितरण में नहीं चूक रहे हैं। वोटरों के यहां मौरंग, गिट्टी, सीमेंट व सरिया तक मुफ्त में पहुंचा रहे हैं। निगरानी को लगाई गई टीमों ने करीब 70 लाख 92 हजार रुपये की निर्माण सामग्री जब्त की है।





पिछले विस चुनाव में पकड़ी थी 1.37 करोड़ की ड्रग्स

बांदा। पिछले विधान सभा चुनाव में निगरानी टीमों ने जांच के दौरान 1.37 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की थी। वहीं 59 लाख 53 हजार की शराब पकड़ी गई थी, जो मतदाताओं के वितरण के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं।



-

वर्जन-



-मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रत्याशी व समर्थक यदि शराब, नकदी और अन्य सामग्री का उपयोग करती है तो निगरानी समिति के निगाह में तुरंत आ जाता है। अब तक करीब तीन करोड़ की सामग्री व नकदी मिली है। -विनोद कुमार, नोडल अधिकारी व मुख्य कोषाधिकारी, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें