बांदा। जनपद में बिजली आपूर्ति पटरी पर नहीं आ रही है। केबल व ट्रांसफार्मर बदलने में ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो गए, पर उपभोक्ता न तो रात में सो पा रहा है और न ही दिन में राहत मिल रही है। शुक्रवार की रात शहर में तीन ट्रांसफार्मर फुंक गए तो सात जगह के जंपर उड़ने से घंटों बिजली गुल रही। ओवरलोड के चलते छह जगह केबल में आग लगी, जिसे दुरुस्त करने में घंटों इंतजार करना पड़ा।
बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक या विधायक का फरमान बिजली विभाग पर पूरी तरह बेअसहर है। ओवरलोडिंग और पुराने उपकरणों का हवाला देकर अधिकारी अपना मुंह छिपा रहे हैं। वहीं जनता भीषण गर्मी में बिना बिजली परेशान है। शुक्रवार को शाम छह बजे महेश्वरी देवी मंदिर, मढि़यानाका व छोटी बाजार की बिजली गुल हो गई। पता चला कि कहीं जंपर उड़ गया है। शिकायत के बाद बिजली कर्मी पहुंचे, पर तीन घंटे बिजली आने का इंतजार करना पड़ा। स्वराज कालोनी जेल रोड गली नंबर एक में रात में इतना वोल्टेज धीम रहा कि लोग कूलर-पंखे नहीं चला सके। गुलाबबाग व टेलीफोन टावर फीडर में रात 11 बजे से बार-बार ट्रिपिंग हुई तो लोग बेचैन हो उठे।
जरैली कोठी, क्योटरा, डीएवी कालेज रोड में भी लोग बिना बिजली रात में सड़कों पर घूमते रहे। रात 12 बजे पीलीकोठी उप केंद्र में इनकमिंग फस्ट का फ्यूज मार गया। इससे अलीगंज सहित कई मोहल्लों में तीन घंटे बिजली गुल रही। सर्वोदय नगर, नवाब टैंक तथा हुसैनगंज में ट्रांसफार्मर जलने से लोग रात में अंधेरे में परेशान रहे। शनिवार को भी दिन में छोटीबाजार, गुलाब बाग, क्योटरा, किरन काॅलेज चौराहा, छाबीतालाब में घंटों की कटौती शहरवासियों को भारी पड़ी।
एसडीओ नहीं उठाते फोन, जनता परेशान
सप्ताह भर पहले प्रबंध निदेशक ने बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों के पेंच कसे थे। खासकर उपभोक्ताओं के फोन तत्काल उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विद्युत उप केंद्र पीलीकोठी, भूरागढ़ व तुलसीनगर के एसडीओ फोन नहीं रिसीव करते हैं। रात नौ बजे के बाद जनता के फोन घनघनाते हैं और अधिकारी चैन की नींद सोते हैं।
वर्जन-
-गर्मी ज्यादा होने की वजह से ट्रांसफार्मरों व केबलों पर लोड बढ़ रहा है। इससे गर्म हो रहे हैं। फुंकने से बचाने के लिए इन्हें ठंडा किया जाता है और कुछ देर रेस्ट दिया जाता है। शिकायत पर तुरंत टीम मौके पर पहुंचते हैं।
-प्रकाश देव पांडेय, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, नगरीय, बांदा