बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में मिले प्रसूता के शव के मामले में आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद अब डीजी एजुकेशन ने मेडिकल कॉलेज में उस समय तैनात तीन स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया है। उनके काम में रोक लगा दी है।
पूरे मामले की जांच लाला लाजपत राय अस्पताल हैलट के डॉ. संजय काला को दी गई है। इस मामले में प्राचार्य समेत नौ लोगों पर अपहरण, दुष्कर्म व हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिसकी विवेचना कोतवाली नगर पुलिस कर रही है।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली प्रसूता का नौ नवंबर को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के शल्य विभाग की बिल्डिंग के पीछे नाली में औधे मुंह पड़ा पाया गया था। इस मामले में एक माह बाद पति की तहरीर पर प्राचार्य समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसकी विवेचना की जा रही है।
उधर, डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर डीजी मेडिकल एजुकेशन ने दो दिन पहले स्टाफ नर्स नीलम द्विवेदी, नेहा शर्मा, शिखा को निलंबित कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसके कौशल ने आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि निलंबन के बाद पूरे मामले की जांच के बाद आरोप पत्र तैयार किया जाएगा। इस मामले में आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों पर पहले की कार्रवाई हो चुकी है।