बांदा। मुकदमेबाजी के विवाद में चली लाठियों से घायल वृद्ध की मौत के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
कमासिन थाना क्षेत्र के पछौंहा गांव निवासी रामबाबू पासवान पुत्र रामशरण ने 26 मार्च 2018 को पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी बहन की गोद भराई की रस्म चल रही थी। इसी दौरान गांव के गप्पू, अशोक, मुन्ना पुत्रगण शंभू पासवान व राजेंद्र पुत्र गुलाब लाठी-डंडे लेकर आ गए और पुराने मुकदमे में सुलह न करने पर हमला कर दिया।
पिता रामशरण (60) पुत्र रामभवन और बहन लक्ष्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामूली मारपीट की एनसीआर दर्ज कर ली। उधर, इलाज के दौरान कानपुर में रामशरण की 30 अप्रैल 2018 को मौत हो गई। 7 मई को पुलिस ने धारा 304 की बढ़ोत्तरी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक आरोपी राजेंद्र ने 25 मई को अदालत में सरेंडर कर दिया। राजेंद्र की जमानत मंजूर नहीं हुई। अन्य तीन जमानत पर रिहा हो गए।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए। गुरुवार को अपर जिला जज ने राजेंद्र को धारा 304 में 10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। धारा 504 में दो वर्ष की कैद व 2000 रुपये जुर्माना से दंडित किया।
जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। अभियुक्त मुन्ना, अशोक व गप्पू को धारा 323 में एक-एक वर्ष की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 में 2 वर्ष की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 10-10 दिन की और कैद होगी। तीनों अभियुक्तों को जुर्माना अदा कर देने पर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। अभियुक्त राजेंद्र का वारंट जेल भेजा गया है।