वर्ष 2020 में बदौसा थाना क्षेत्र के जमुनिहा पुरवा अंश पौहार में हुई थी घटना
खेत जबरन जोत लेने को लेकर चल रहा था विवाद, रंजिशन की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। दबंगई से जबरन खेत जोतने के विवाद में हत्या के दोषी पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो वर्ष की सजा अतिरिक्त काटनी होगी। आरोपित महिला प्रधान को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। दो आरोपियों की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।
बदौसा थाना क्षेत्र के जमुनिहापुरवा अंश पौहार निवासी रामभवन यादव ने थाने में 13 जनवरी 2020 को पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि 12 जनवरी 2020 की शाम पिता उमादत्त यादव व सभाजीत जमुनिहापुरवा के टयूबवेल में आग से बदन सेंक रहे थे। इसी दौरान वहां पर छेदीलाल और उसका पुत्र खुशीलाल उर्फ आनंद व लालजी उर्फ जयनारायन लाठी-डंडा और असलहा लेकर पहुंच गए। तीनो लोगों ने पिता उमादत्त को लाठी ओर बंदूक की बटों से पीटने लगे। जलाकर मारने के उद्देश्य से मौके पर जल रही आग में झोंक दिया।
गांव के सत्यम सिंह ने रोका तो हमलावरों ने उसे भी जानमाल की धमकी दी। हमलावर उमादत्त को मृत समझकर वहां से चले गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजन घायल को घर लाए। जिला अस्पताल में भर्ती कराने पर चिकित्सकों ने उमादत्त को मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटै सत्यम के मुताबिक हमलावर उनकी खेती जबरन जोत लेते थे। इसी के चलते विवाद था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। दौरान मुकदमा रामनरेश व सोनू की मौत हो गई। प्रधान सियादुलारी के विरुद्ध कोई ठोस सबूत न होने से उसे बरी कर दिया गया। छेदीलाल और उसके बेटे खुशीलाल व लालजी को दोषी पाते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।