हथौरा मदरसा ग्राउंड पर हो रहे इज्तिमा में दोपहर को पंडाल में आराम करते जमाती।
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। ‘इंसान से इंसान का हो भाईचारा, मुल्क हो खुशहाल हमारा’। कुछ ऐसे ही पैगाम के साथ शनिवार को यहां से 16 किलोमीटर दूर हथौरा गांव में स्थित विश्वविख्यात मदरसा जामिया अरबिया में दो दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा शुरू हो गया। इसमें बुंदेलखंड समेत प्रदेश के नौ जिलों के हजारों लोग शरीक हैं। इस दौरान नमाज के बाद लोगों ने बुंदेलखंड को भूख प्यास से बचाने और खुशहाली लाने की अल्लाह से दुआ की।
मदरसा ग्राउंड पर बने भव्य पंडाल मेें सभी ने रात में ही डेरा डाल दिया। सुबह पंडाल में ही फजिर की नमाज अदा करने के बाद शुरू हुए इज्तिमा में मऊ से आए मौलाना हिदायतुल्ला ने बयान शुरू किया। उन्होंने तब्लीगी जमात का मकसद बताते हुए कहा कि जमात के काम को खेल न समझें। यह नबियोें का काम है। उन्होंने दीन के रास्ते पर चलकर दीन और दुनिया दोनों ही खुशहाल बनाने के रास्ते बताए।
दोपहर में पांडाल में ही जोहर की नमाज अदा की गई। इसके बाद बहराइच से मौलाना वसीउल्ला ने तकरीर की। उन्होंने कहा कि इंसान को हालात से घबराना नहीं चाहिए। हर शख्स के साथ कुदरत इम्तहान और आजमाइश लेती है। जो हक के रास्ते पर डटा रहा वह कामयाब होता है। बातिल कभी सफल नहीं होता। तकरीरों का सिलसिला देर रात तक चला। सभी पांचों वक्त की नमाजें पंडाल में ही अदा की गईं। उधर, कानपुर, बांदा, फतेहपुर, झांसी आदि के लोगोें ने कई हजार लोगों के लिए खाने का इंतजाम अपनी तरफ से किया है। इस दौरान सभी मौलानाआें ने सिर्फ दीन और इस्लाम पर तकरीर की। मदरसा संचालक मौलाना हबीब अहमद और मौलाना नजीब अहमद आदि ने सभी का इस्तकबाल किया। बांदा शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन भी मंच पर रहे। मदरसा शिक्षक मौलाना गयासुद्दीन (धामपुर) ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे खुसूसी दुआ के साथ समापन होगा।