बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में अन्ना प्रथा कम होने के साथ ही अब किसानों का रुझान जायद की खेती की ओर बढ़ा है। जायद में इस वर्ष 10248 हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में अन्ना प्रथा से परेशान किसान जायद की खेती से कतराते थे। किसानों का कहना था कि अन्ना गोवशों से खरीफ व रबी की फसल बचाना मुश्किल है, जायद की फसल तो बेहद मुश्किल था। रबी की फसल कटने के बाद मार्च में लोग पालतू गोवंश तक छुट्टा छोड़ देते थे, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रयास से 95 फीसदी गोवंश गोशालाओं में संरक्षित है। ऐसे में किसानों का रुझान जायद की खेती की ओर बढ़ा है।
उप निदेशक विजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष मंडल के चारों जनपदों में जायद में मूंग, उर्द, सब्जियां, हरा चारा आदि की बुआई का लक्ष्य 10248 हेक्टेयर रखा गया था। जो पिछले साल से एक हजार हेक्टेयर अधिक है। बांदा में 1299, चित्रकूट में 818, महोबा में 5035 व हमीरपुर में 3096 हेक्टेयर में जायद की बुआई का लक्ष्य है। पिछले एक सप्ताह में मंडल में 2897 हेक्टेयर में जायद की बुआई हुई है।