बांदा। जलसंस्थान की अनदेखी से करीब 15 दिनों से शहर की लगभग 30 हजार आबादी गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर है। कोरोना के खौफ के बीच संक्रमण रोगों का खतरा मंडरा रहा है। स्वच्छ जलापूर्ति न होने पर लोगों में रोष है। एक्सईएन का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी में पीलापन है।
केन नदी समेत कुओं और नलकूपों के जरिये शहर को पानी की सप्लाई की जाती है। फिलहाल एक पखवारे से करीब 30 आबादी को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। छावनी, बाकरगंज, डिग्गी चौराहा, बलखंडी नाका, कटरा, बन्योटा, कंचन पुरवा, कैलाशपुरी, छोटी बाजार, खिन्नी नाका सहित कई मोहल्लों में साफ पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है। यह पीने योग्य नहीं है। नगर पालिका सभासद घनश्याम राजपूत (बाकरगंज), शकील अहमद, सुरेश कुमार, राजन गुप्ता, प्रकाश, भोला दुबे, शिशिर सोनी, आशुतोष कुमार, पंकज आदि का कहना है कि जल संस्थान में कई बार गंदे जलापूर्ति की शिकायत की गई, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली।
साफ पानी की आपूर्ति न होने से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। उधर, जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीरेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी में मटमैला/पीलापन है। शिकायत मिलने पर तुरंत समाधान किया जाएगा। यह भी कहा कि जिनके कनेक्शन अवैध होंगे, वे काटे जाएंगे।