बांदा। हफ्ते भर बाद दूसरी बार निरीक्षण करने आए सहायक मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) को दूसरी बार भी ढेरों खामियां नजर आईं। वे कई बार रेलवे अफसरों पर बरसे। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड और अभियंता पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
एडीआरएम विनीत सिंह इसके पूर्व 31 जुलाई को भी निरीक्षण कर गए थे। बुधवार को वे फिर आए। साथ में कई अन्य अधिकारी भी थे। रेलवे स्टेशन परिसर और प्लेटफार्म पर घूम-घूमकर जायजा लिया।
रेल पटरियों के किनारे भूमिगत केबिल डालने के लिए की जा रही खुदाई मानक के मुताबिक न होने पर वे ठेकेदार पर बरस पड़े। कहा कि उसकी इस करतूत से अगर कोई दुर्घटना हुई तो कौन जिम्मेदार होगा? ठेकेदार के साथ एडीआरएम ने रेल अभियंता की भी जमकर क्लास ली। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने और अभियंता पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
एडीआरएम ने प्लेटफार्म नंबर तीन पर पक्का निर्माण और केसीड्रेनेज व्यवस्था के निर्देश दिए। डिग्गी तालाब के सुंदरीकरण को कहा। रेलवे स्टेशन में कई जगह खुले रास्ते बंद करने के निर्देश दिए। प्लेटफार्म नंबर-3 पर गंदगी देखकर असंतोष जताया। यहां पक्का निर्माण कराने का निर्देश दिया।
यह भी कहा कि नालियां ऐसी बनें कि बारिश का पानी नाली के जरिये डिग्गी तालाब में गिरे। इसे पार्क के रूप में विकसित करने को कहा। स्टेशन के बाहर बेतरतीब रखे पत्थरों को हटा वहां लोहे के एंगल लगाने के निर्देश दिए।
पार्सल कार्यालय से यात्रियों की आवाजाही देख एडीआरएम भड़क गए। रेल अधिकारियों से कहा कि सारे अस्थायी रास्ते बंद कराएं। यह स्टेशन की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। स्टेशन के बाहर वाहन पार्किंग ठेका न हो पाने पर स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे पेटी कांट्रेक्टर को सौंप दें।
एडीआरएम के साथ झांसी से सीनियर डीईएमओ अजय कुमार, एसीएम विक्की खरे, सीनियर डीआईओएम भी थे। स्थानीय अधिकारियों ने स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा, यातायात निरीक्षक केके वर्मा, पीके सिंह, सीसीआई संजय कुमार, मुख्य टिकट निरीक्षक विनय दास, आरपीएफ थानाध्यक्ष चंद्रशेखर रजक और जीआरपी थानाध्यक्ष इंद्रमोहन बड़ोला भी मौजूद रहे।