बांदा। शहर के गूलरनाका मोहल्ला निवासी मीना मेहता (50) ने रात में किसी समय अपने घर के कमरे में दुपट्टे से पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। बुधवार को सुबह चार बजे बेटी मालिनी सोकर उठी तो उसने मां के कमरे के दरवाजे खुले देखे तो अंदर जाकर देखा तो वह फंदे से लटकी थीं। जेठ नलिन कुमार ने बताया कि मीना पिछले चार साल से डिप्रेशन से जूझ रहीं थीं। उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। वह बहुत ज्यादा सोचती थीं। उनका बांदा और अहमदाबाद में इलाज कराया जा रहा था। इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
पति प्रवीण मेहता जनरल स्टोर की दुकान किए हुए हैं। उनके एक पुत्र एक पुत्री है। शहर कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि परिजन मानसिक रूप से डिप्रेशन से पीड़ित रहना बता रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।