घर-परिवार वालों को नहीं पता था कि जिस बेटी को पिया के घर सोलह शृंगार के साथ विदा कर रहे हैं वह एक दिन यूं लौटेगी। पुत्री के ससुराल से पहली बार मायके लौटने का इंतजार कर रही मां से परिजनों ने मौत की खबर काफी देर तक छिपाने की कोशिश की। दो पुत्रियों की मौत की खबर लगते ही मां दहाड़ मारकर रो पड़ी और बेहोश हो गई। एक हफ्ते में शादी की खुशियां काफूर हो गईं।
5 फरवरी को एटा जिले के बघौली गांव से रंजना की बारात आई थी। पिता और भाइयों ने दिल खोलकर बारातियों का स्वागत किया। ससुराल जा रही रंजना को घर वालों ने रोते हुए विदा किया। घर वालों को नहीं पता था कि जिस बेटी को सोलह शृंगार के साथ पिया के घर विदा कर रहे हैं वह एक दिन यूं लौटेगी। उधर, पहली बार ससुराल से मायके लौटने की खुशी में मां बिटइयां देवी पुत्री का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। रंजना और सुधा की मौत को परिजनों ने मां से काफी छिपाने का प्रयास किया।
लेकिन कुछ देर बाद ही मां को उनके मौत की खबर लग गई। वह दहाड़े मारकर रो पड़ी और बेहोश हो गई। घर की अन्य महिलाओं ने पानी के छींटे मारकर उसे होश में लाया। चाचा रणजीत सिंह ने बताया कि रामसागर के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्रियों की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद रंजना और सुधा के शवों को पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। चाचा व अन्य रिश्तेदार शवों को लेकर पैतृक गांव कोदा का पुरवा रवाना हो गए।
चाचा रणजीत सिंह कुशवाहा के मुताबिक दोनों शवों का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में बुधवार को करेंगे। घटना की सूचना मिलते ही पति अशोक कुमार समेत ससुराल के अन्य लोग भी गांव आ गए हैं। रंजना के शव को मुखाग्नि पति अशोक ही देगा। उधर, एक साथ दो शवों को देखकर तमाम ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। दिन भर शोक जताने वालों का तांता लगा रहा। गांव के ज्यादातर घरों के चूल्हे ठंडे रहे।