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बांधों का जलस्तर चार फीट चढ़ा

Sun, 17 Jul 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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बांधों पर सूखे का संकट - फोटो : amar ujala bureau
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बांदा। कई दिनों की खामोशी के बाद मध्य प्रदेश की घाटियों में बीते 24 घंटे के अंदर फिर तेज बारिश होने से गंगऊ और बरियारपुर बांधों का जलस्तर करीब चार फीट बढ़ गया है। पानी के डिस्चार्ज में भी तीन गुना वृद्धि हुई है। दो दिनों से घट रही केन नदी के जलस्तर में अब वृद्धि हो रही है। उधर, रनगवां बांध का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटों में तीनों बांधों में 90 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई। बांध क्षेत्रों में कई दिनों से बारिश का सिलसिला थमा था जिससे गंगऊ और बरियारपुर बांधों का जल स्तर लगातार कम हो रहा था। शनिवार को गंगऊ का जलस्तर 735.6 फीट था। इससे पानी का डिस्चार्ज मात्र 33,930 क्यूसिक हो रहा था लेकिन रविवार को बांध का जलस्तर तीन फीट बढ़कर 738.5 फीट हो गया।
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पानी का डिस्चार्ज भी 33,930 से बढ़कर 1,04,433 क्यूसिक हो गया। गंगऊ में 40 और बरियारपुर में 16 मिलीमीटर बारिश हुई। उधर, रनगवां बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले चार दिनों में इस बांध के जल स्तर में करीब छह फिट की वृद्धि हुई है। शनिवार को बांध का जलस्तर 756.5 फीट हो गया। इस बांध की क्षमता 765 फीट है। यानी साढ़े आठ फिट की अभी क्षमता बाकी है। उधर, गंगऊ और बरियारपुर से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर केन नदी के जल स्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। सोमवार तक नदी के जल स्तर में और इजाफा होगा। रविवार को बांदा में केन का जलस्तर 97.38 फीट पर था। यह खतरे के निशान से करीब साढ़े छह मीटर नीचे है। उधर, चिल्ला घाट में यमुना नदी का जल स्तर 93.32 मीटर हो गया है। अधिशासी अभियंता (केन नहर प्रखंड) ओपी मौर्या ने कहा है कि केन का जल स्तर बढ़ेगा लेकिन बाढ़ की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर और चिल्ला घाट में यमुना नदी घटाव पर है।
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