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मुस्लिम धर्मगुरु सैय्यद गाजी रब्बानी का इंतकाल

Tue, 16 Apr 2019 11:13 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा अमर उजाला ब्यूरो
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मौलाना सैय्यद गाजी रब्बानी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 सुन्नी मुस्लिमों के महान शख्सियत 93 वर्ष के मौलाना सैय्यद गाजी रब्बानी (छोटे हजरत) का उनके घर पर सोमवार की देर रात इंतकाल हो गया। मौलाना कई दिनों से बीमार चल रहे थे। इंतकाल की खबर पर बुंदेलखंड समेत प्रदेश के कई जिलों से उनके अनुयायियों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंगलवार को देर रात मौलाना को नरैनी रोड स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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दारूल उलूम रब्बानिया मदरसा के संस्थापक और मुफस्सिरे कुरान की उपाधि से सम्मानित रब्बानी धार्मिक कार्यों के लिए विदेशों तक गए। कई दिनों से बीमार मौलाना ने रात 11 बजे अलीगंज मदरसा परिसर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। मंगलवार की शाम को मगरिब की नमाज के बाद उनका जनाजा घर से कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ।

जनाजे को कंधा देने को नेशनल हाईवे पर हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे जाम लग गया। कांग्रेस प्रत्याशी बाल कुमार, पालिकाध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व विधायक दलजीत सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, शहर काजी अकील मियां, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष शकील अली, प्रसपा अध्यक्ष इम्तियाज खां, शेख सादी जमां, वासिफ जमां, मोहम्मद इदरीस, हसन सिद्दीकी और डा. साबिर नियाजी आदि मौजूद थे।
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मौलाना अपने पीछे बेटे सैय्यद अंजर रब्बानी, मौलाना सैय्यद अबरार अहमद और मौलाना सैय्यद असरार अहमद समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए है। उधर, मदरसा जामिया अरबिया, हथौरा के नाजिम मौलाना हबीब अहमद, मुफ्ती मजीद अहमद समेत मदरसे के अन्य मौलाना मरहूम मौलाना के घर पहुंचे और शोक जताया।

इसके पूर्व मदरसे के मौलाना उनके नमाजे जनाजे में भी शिरकत किया। वहीं मौलाना के इंतकाल पर खानकाह इंटर कालेज में शोकसभा कर खिराजे अकीदत (श्रद्धांजलि) दी गई। कालेज प्रबंधक मोहम्मद फारूक ने कहा कि वह बांदा की खास पहचान और शख्सियत थे, उनकी कमी खलेगी। शोकसभा में प्रधानाचार्य दरक्शां बेगम, शाहिद वली खां, जमीर अहमद खां, शहाना खां, कृष्णकांत पांडेय, तारिक मंसूर खां, अजीत सिंह, परवेज आगा भारतीय, शफकत अली, अदनान अहमद खां, नूरजहा और मोहम्मद बाकर आदि मौजूद थे।
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