बांदा/तिंदवारी। पॉजिटिव केस मिलने पर शिव गांव के बाद अफसरों का ध्यान अब माचा गांव की तरफ केंद्रित है। हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित कर एक किलोमीटर दायरे को सील कर दिया गया है। बाहरी लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है। कोरोना संक्रमित किशोर के घर से तीन किलोमीटर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है। मंडलायुक्त और डीआईजी ने गांव का जायजा भी लिया। अफसरों की निगरानी के दौरान पूरे गांव को फायर ब्रिगेड से सैनिटाइज कराया गया है।
माचा गांव के रजवा डेरा सहित पांच मजरों में लगभग 128 परिवार आबाद है। 17 अप्रैल को मुंबई से लौटे किशोर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अफसर माचा गांव पहुंचने लगे। मंगलवार को भी वहां अधिकारियों का जमघट रहा। मंडलायुक्त गौरव दयाल और डीआईजी दीपक कुमार ने गांव का जायजा लिया। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि प्रतिबंधित क्षेत्र में रहने वाले किसी भी ग्रामीण को खाने आदि की दिक्कत न हो। बाहर से आने वालों की मेडिकल कालेज में जांच कराने के बाद स्कूल में क्वारंटीन किया जाए। इस दौरान एसडीएम सदर सुरजीत सिंह और राजस्व निरीक्षक राजकुमार भदौरिया आदि मौजूद रहे।
उधर, पाबंदी के चलते ग्रामीण घरों में कैद रहे। पुलिस गश्त कर ग्रामीणों को बाहर न निकलने की हिदायत दे रही है। गांव के मजरा रजवा डेरा समेत भूखन डेरा, संता डेरा, गया डेरा व रामऔतार डेरा को फायर ब्रिगेड ने सैनिटाइज किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.नीरज सिंह पटेल ने बताया कि पुलिस फोर्स के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.संतोष कुमार ने बताया कि तिंदवारी के चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक कर छह मेडिकल टीमें बनाई गईं। ये टीमें मरीज के घर के तीन किलोमीटर तक के दायरे में घर-घर जाकर हर व्यक्ति की हिस्ट्री ले रही हैं। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर रही हैं व उनमें संभावित लक्षणों जैसे बुखार, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ आदि की जांच कर रही है।
संभावित मरीजों के सैंपल लेकर उन्हें झांसी जांच के लिए भेजा जाएगा। हर टीम को लगभग 40 घर कवर करने हैं। जिसमें क्षेत्रीय आशा, एएनएम व सुपरवाइजर भी मदद कर रही हैं। जल्दी ही स्क्रीनिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अगले 14 दिन तक कंट्रोल रूम के माध्यम से इनकी रोजाना ट्रैकिंग की जाएगी। इस बीच यदि किसी व्यक्ति में लक्षण विकसित होंगे तो उसके लिए जांच/उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज करा दिया गया है।
सीएमओ ने बताया कि स्क्रीनिंग के लिए गठित टीमों का नेतृत्व डा.नीरज पटेल, डा.सतीश, डा.विजय प्रताप, डा.रुपेश त्रिपाठी, डा.सुमन द्विवेदी, डा.सरिता व नेत्र परीक्षण अधिकारी डा.शोभित गुप्ता द्वारा किया जा रहा है। माचा समेत रजवा डेरा, खजूर डेरा, मोती डेरा, संता डेरा, गया डेरा, रामऔतार डेरा, भूखन डेरा आदि के बाशिंदों की स्क्रीनिंग की गई।