बांदा। जिला महिला अस्पताल के सफाई कर्मी ने मानसिक बीमार किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया था। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किशोरी को गोद में उठाकर शौचालय ले गया था। एक अन्य तीमारदार के पहुंचने पर आरोपी किशोरी को अर्धनग्न हालत में छोड़कर भाग निकला था। उसकी यह करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मंगलवार को एसपी अभिनंदन ने वारदात का खुलासा कर आरोपी को जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन सभागार में मंगलवार को एसपी अभिनंदन ने जिला अस्पताल में भर्ती मानसिक बीमार किशोरी से हुई वारदात का खुलासा किया। एसपी का दावा है कि आरोपी जिला महिला जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मी दुर्गा पुत्र मुन्नू निवासी कंचनपुरवा कोतवाली नगर है। घटना स्थल पर उसी का अंडरवियर पड़ा था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी करतूत कैद हो गई थी। आरोपी को जेल भेज दिया है।
दिल्ली से जबलपुर जा रही महाकौशल एक्सप्रेस के यात्रियों ने शुक्रवार (18 नवंबर) को जीआरपी को 15 वर्षीय मानसिक बीमार किशोरी के अकेली होने की सूचना दी थी। अतर्रा रेलवे स्टेशन पर किशोरी को उतार कर जीआरपी कांस्टेबल कृष्णकांत व आरपीएफ कांस्टेबल किशनलाल ने जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। इसके बाद जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बेड नंबर 16 पर शिफ्ट कर दिया गया था।
किशोरी की सुरक्षा में कोई गार्ड नहीं था। रविवार (20 नवंबर) को सुबह करीब तीन बजे दूसरे मरीजों के तीमारदारों को वह बेड पर नहीं दिखी तो सूचना स्टाफ नर्स रेनू गुप्ता व माया को दी थी। कर्मचारियों ने खोजबीन की तो वह शौचालय में बेहोशी की हालत में अर्ध नग्न पड़ी मिली।
उसकी सलवार के पास पुरुष का अंडरवियर भी पड़ा था। प्रथमदृष्ट्या दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने कोतवाली पुलिस से किशोरी की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबल की मांग की थी। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके साथ ही अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज किया था। खुलासे के दौरान अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, क्षेत्राधिकारी नगर अंबुजा त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
सीसीटीवी फुटेज से कुछ यूं हुआ खुलासा
बांदा। ट्रॉमा सेंटर, दवा वितरण केंद्र और इमरजेंसी वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी की पूरी करतूत कैद हो गई। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी सफाई कर्मी दुर्गा 19/20 नवंबर की रात तकरीबन सवा एक बजे जिला महिला अस्पताल से निकला और जिला पुरुष अस्पताल के गेट पर दवा वितरण कक्ष से होता हुआ इमरजेंसी वार्ड पहुंचा था। वहां से बेड पर लेटी किशोरी उठाकर शौचालय ले गया।
लापरवाही पर ईएमओ से मांगा जवाब
बांदा। मानसिक बीमार किशोरी से हुई घटना में ईएमओ की लापरवाही सामने आई है। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात ईएमओ डॉ. शिव कुमार मौर्य ने पुलिस से पत्राचार नहीं किया। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने ईएमओ को इस संबंध में पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं एसपी अभिनंदन ने माना कि मामले में लापरवाही बरती गई है। बताया कि जिला अस्पताल में तैनात स्थायी, संविदा कर्मियों का सत्यापन भी कराएंगे। इसके साथ ही किशोरी की एसआईवी व उम्र निर्धारण से संबंधित जांच कराई गई। मंगलवार को स्पेशल क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर राजेश पांडे ने किशोरी का हालचाल जाना। बताया गया है कि किशोरी ने अपना, अपने माता-पिता का नाम पता भी बताया है। पुलिस किशोरी द्वारा बताए गए पते की जानकारी कर रही है। (संवाद)