डीआईजी को ज्ञापन देते किसान यूनियन अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा।
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महोबा में ओला प्रभावित प्रदर्शनकारी किसानों पर लाठी और गोली चलाने पर शनिवार को मंडल मुख्यालय पर बुंदेलखंड किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने विरोध-प्रदर्शन किया। महोबा के पुलिस अफसरों की तीखी शब्दों में आलोचना की। मंडलायुक्त और डीआईजी से मिलकर अलग-अलग ज्ञापन दिए। ओला प्रभावित किसानों को मुआवजा और लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित किए जाने की मांग की। उधर, प्रदर्शन के मद्देनजर सुबह से ही डीआईजी, कमिश्नर आवासों और सभा स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। कमिश्नर और डीआईजी ने यूनियन नेताओं से सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा के नेतृत्व में कलक्ट्रेट के पास जिले भर से आए सैकड़ों किसानों की सभा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि महोबा में पुलिस ने किसानों के साथ गुंडई की है। आरोप लगाया कि बुंदेलखंड के कुछ जिलों में अधिकारी और कर्मचारी ओलावृष्टि की गलत रिपोर्ट भेज रहे हैं। उपाध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार को समय आने पर किसान सबक सिखाएंगे। किसानों ने वोट दिया और अब उन्हीं पर जुल्म ढाया जा रहा है।
सभा के बाद किसानों का हुजूम नारे लगाता हुआ कचहरी से डीआईजी आवास पहुंचा। पूरे मार्ग और अधिकारियों के आवास को पुलिस छावनी में बदल रखा गया था। किसानों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष की अगुवाई में डीआईजी मनोज तिवारी से मुलाकात की। महोबा पुलिस अधीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। यहां के बाद किसान नेताओं ने आयुक्त रामविशाल मिश्रा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन देकर ओला और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों का निष्पक्ष और सही सर्वे कराकर मुनासिब मुआवजा देने की मांग की। आयुक्त ने कहा कि प्रभावित किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
प्रदर्शन में किसान यूनियन के गजबंदन शुक्ला, लक्ष्मीकांत, चर्तुभुज पटेल, महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष किरन पाठक, महामंत्री अखिलेश, उमा सिंह, बाला जी, बांदा अध्यक्ष बालकृष्ण पटेल, झांसी अध्यक्ष राकेश साहू सहित प्रवक्ता अनिल मिश्रा, प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद करवरिया, महिला मोर्चा की अनूपा सिंह बांदा, चंद्रकली राजपूत महोबा, शैलेंद्र मिश्रा भी शामिल रहे।